दिल्ली में ठंड की दस्तक के साथ जहरीली हुई हवा, कई इलाकों में AQI 200 पार; तापमान 17.7 डिग्री पहुंचा
राजधानी दिल्ली में सर्दियों की आहट के साथ वायु प्रदूषण बढ़ने लगा है। तापमान में गिरावट और हवा की धीमी रफ्तार के बीच प्रदूषक तत्व वातावरण में जमा हो रहे हैं। मंगलवार, 20 अक्टूबर को दिल्ली में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे 17.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 161 था, लेकिन शाम तक कई इलाकों में यह 200 के पार पहुंच गया। इससे राजधानी में आने वाले दिनों में प्रदूषण बढ़ने की चिंता गहरा गई है।
कई इलाकों में खराब श्रेणी में पहुंची हवा
वायु गुणवत्ता निगरानी के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार रात 9 बजे तक दिल्ली के कई इलाकों में AQI 200 से ऊपर दर्ज किया गया। बवाना में यह 273, जहांगीरपुरी में 268, आरके पुरम में 267, रोहिणी में 239 और मुंडका में 244 रहा। वहीं, द्वारका सेक्टर-8 में AQI 253 दर्ज किया गया। इन इलाकों में हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंच गई थी।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के अनुसार, AQI 101 से 200 तक मध्यम, 201 से 300 तक खराब, 301 से 400 तक बहुत खराब और 401 से 500 तक गंभीर श्रेणी में माना जाता है। ऐसे में जिन इलाकों में AQI 200 से ऊपर पहुंच गया, वहां लोगों को प्रदूषण के प्रति अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
बुधवार से हवा और बिगड़ने का अनुमान
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान सिस्टम के अनुसार, दिल्ली में 21 से 23 अक्टूबर के बीच वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने की संभावना जताई गई थी। मौसम की ऐसी परिस्थितियां, जिनमें हवा की औसत रफ्तार कम रहती है और प्रदूषकों के फैलने की क्षमता घट जाती है, प्रदूषण को बढ़ा सकती हैं।
सर्दियों के करीब आने के साथ तापमान में गिरावट, वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों की धूल और आसपास के क्षेत्रों में पराली जलाने की घटनाएं भी वायु प्रदूषण को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, प्रदूषण में अलग-अलग स्रोतों का योगदान मौसम और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बदलता रहता है।
बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी की जरूरत
खराब हवा का असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस या हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों पर ज्यादा पड़ सकता है। प्रदूषण बढ़ने पर आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण हो सकते हैं।
विशेषज्ञों की सलाह है कि प्रदूषण अधिक होने पर खुले में लंबे समय तक व्यायाम करने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सावधानी बरतनी चाहिए। बाहर निकलते समय जरूरत के अनुसार अच्छी गुणवत्ता वाला मास्क इस्तेमाल किया जा सकता है। घरों में धूल कम रखने और धुएं के संपर्क से बचने की कोशिश करें।
सर्दियों में बढ़ सकती है चुनौती
दिल्ली में अक्टूबर के दूसरे हिस्से से ही वायु गुणवत्ता में गिरावट के संकेत मिलने लगे हैं। यदि हवा की गति कम रहती है और बारिश जैसी परिस्थितियां नहीं बनतीं, तो प्रदूषकों का जमाव बढ़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदूषण पर निगरानी और नियंत्रण के उपाय महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल लोगों को अपने इलाके का ताजा AQI देखकर ही बाहरी गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।