पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर खड़ी कार में तीन लोगों की रहस्यमय मौत, तंत्र साधना करने वाला हिरासत में
राजधानी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक युवक की गड्ढे में गिरने से मौत की खबर सामने आई है। मृतक की पहचान कमल के रूप में हुई है। घटना की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने शुरुआती तौर पर खुलासा किया है कि कमल की मौत गड्ढे में गिरने के कारण दम घुटने से हुई।
सूत्रों के अनुसार, कमल जब गड्ढे में गिरा तो उसके मुंह और नाक में मिट्टी भर गई थी, जिससे उसे सांस लेने में गंभीर कठिनाई हुई। इस वजह से उसका दम घुट गया और वह घटनास्थल पर ही गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में उसे स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे बचाने में कामयाबी नहीं पाई।
घटना के समय इलाके में लोग मौजूद थे और कुछ स्थानीय निवासियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने गड्ढे को सुरक्षित किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, कमल की मौत शारीरिक चोटों के कारण नहीं बल्कि गड्ढे में गिरने के बाद दम घुटने से हुई।
इस मामले ने जनकपुरी इलाके में सुरक्षा और सड़क/निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग कहते हैं कि कई जगहों पर गड्ढे बिना चेतावनी या सुरक्षा बैरियर के खुले हैं, जो किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकते हैं। इस घटना के बाद नागरिकों की चिंता और बढ़ गई है।
पुलिस ने बताया कि गड्ढे के पास किसी भी तरह की चेतावनी या सुरक्षा संकेत नहीं था। उन्होंने संबंधित नगर निगम और निर्माण एजेंसियों से संपर्क किया है ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके। साथ ही, पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क पर या निर्माण क्षेत्रों के पास सतर्क रहें और बच्चों या अन्य लोगों को भी सावधान करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि खुले गड्ढे और निर्माण क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों की कमी अक्सर गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनती है। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बावजूद कई बार ऐसे हादसे हो जाते हैं, जिससे सामान्य नागरिकों की जान खतरे में पड़ जाती है।
कमल के परिवार और परिचितों ने भी प्रशासन पर नाराजगी जताई है और कहा है कि अगर समय रहते गड्ढे के आसपास सुरक्षा उपाय किए गए होते तो यह जानलेवा हादसा टाला जा सकता था। पुलिस ने कहा कि वे इस मामले में पूरी जांच कर रहे हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।