बारिश में भी नहीं टूटा जज़्बा, वीडियो में देखें कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड की फुल ड्रेस रिहर्सल, वंदे मातरम् थीम पर दिखी भारत की झलक
नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर शुक्रवार को बारिश के बीच गणतंत्र दिवस परेड की फुल ड्रेस रिहर्सल सफलतापूर्वक संपन्न हुई। लगातार होती बारिश के बावजूद भारतीय सेना के जवानों का अनुशासन और उत्साह देखने लायक रहा। जवानों ने पूरे जोश और कदमताल के साथ मार्च किया, जिससे मौसम की चुनौती भी उनके हौसले को डिगा नहीं सकी।
रिहर्सल के दौरान कर्तव्य पथ देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। सेना, अर्धसैनिक बलों और विभिन्न मंत्रालयों व विभागों की झांकियों ने भारत की सांस्कृतिक, सैन्य और विकास यात्रा को दर्शाया। बारिश के बीच परेड का आयोजन इस बात का प्रतीक रहा कि राष्ट्रीय पर्व के प्रति प्रतिबद्धता हर परिस्थिति से ऊपर है।
इस फुल ड्रेस रिहर्सल में भारतीय सेना की ओर से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम पर आधारित झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। झांकी के माध्यम से सेना की बहादुरी, रणनीतिक क्षमता और राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति उसके समर्पण को दर्शाया गया। वहीं, संस्कृति मंत्रालय ने ‘वंदे मातरम्’ थीम पर झांकी प्रस्तुत की, जिसमें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, एकता और देशभक्ति की भावना को जीवंत रूप में दिखाया गया।
बारिश के बावजूद दर्शकों का उत्साह भी कम नहीं हुआ। बड़ी संख्या में लोग कर्तव्य पथ पर मौजूद रहे और छाते लेकर परेड व झांकियों का आनंद लेते नजर आए। दर्शकों ने तालियों और जयघोष के साथ जवानों और कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। ठंड और बारिश के बीच लोगों की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि गणतंत्र दिवस का जश्न देशवासियों के दिलों में कितनी गहराई से बसा है।
गौरतलब है कि 26 जनवरी को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। इस बार मुख्य परेड की थीम ‘वंदे मातरम्’ रखी गई है, जो देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और आत्मगौरव का संदेश देती है। परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर कुल 30 झांकियां निकाली जाएंगी। ये सभी झांकियां ‘स्वतंत्रता का मंत्र—वंदे मातरम, समृद्धि का मंत्र—आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर आधारित होंगी।
इन झांकियों के माध्यम से राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और विभिन्न मंत्रालयों द्वारा देश की सांस्कृतिक विविधता, तकनीकी प्रगति, सामाजिक योजनाओं और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को प्रदर्शित किया जाएगा। गणतंत्र दिवस परेड न केवल भारत की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन है, बल्कि यह लोकतंत्र, विविधता और विकास की कहानी भी कहती है।
फुल ड्रेस रिहर्सल के सफल आयोजन के साथ ही अब देशवासियों की निगाहें 26 जनवरी पर टिकी हैं, जब कर्तव्य पथ पर पूरी भव्यता और गरिमा के साथ 77वें गणतंत्र दिवस का आयोजन किया जाएगा।