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हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था से लैस होगा पूरा इलाका, 24×7 सीसीटीवी निगरानी और एंटी-ड्रोन यूनिट तैनात

 

राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए प्रशासन ने हाईटेक तकनीक से लैस व्यापक सुरक्षा योजना लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत पूरे क्षेत्र में 24×7 सीसीटीवी कैमरों के जरिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी। ये कैमरे अत्याधुनिक एडवांस्ड फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) से जुड़े होंगे, जिससे संदिग्ध गतिविधियों और व्यक्तियों की तुरंत पहचान संभव हो सकेगी।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा को बहुस्तरीय बनाने की दिशा में यह कदम उठाया गया है। भीड़भाड़ वाले इलाकों, संवेदनशील स्थलों, प्रमुख चौराहों और प्रवेश-निकास मार्गों पर हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे न केवल गतिविधियों को रिकॉर्ड करेंगे, बल्कि रियल टाइम में डेटा कंट्रोल रूम तक भेजेंगे, जहां प्रशिक्षित कर्मी लगातार निगरानी करेंगे।

फेशियल रिकग्निशन सिस्टम की मदद से पहले से चिन्हित अपराधियों, संदिग्धों और वांछित व्यक्तियों की पहचान तुरंत की जा सकेगी। जैसे ही कोई संदिग्ध व्यक्ति कैमरे की जद में आएगा, सिस्टम अलर्ट जारी करेगा और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिल जाएगी। इससे अपराध की आशंका को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सकेगा।

सिर्फ जमीनी निगरानी ही नहीं, बल्कि हवाई सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत ऊंची इमारतों और रणनीतिक स्थानों पर एंटी-ड्रोन यूनिट तैनात की जाएंगी। इन यूनिट्स का उद्देश्य अवैध या संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों पर नजर रखना और जरूरत पड़ने पर उन्हें निष्क्रिय करना होगा। वर्तमान समय में ड्रोन के जरिए जासूसी, तस्करी या किसी तरह की साजिश की आशंका को देखते हुए यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है।

इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए स्नाइपर टीमों की भी तैनाती की जाएगी। ये टीमें ऊंची इमारतों पर रणनीतिक रूप से तैनात रहेंगी और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रहेंगी। स्नाइपर टीमों की मौजूदगी से संवेदनशील कार्यक्रमों और वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा का स्तर कई गुना बढ़ जाएगा।

प्रशासन का कहना है कि यह पूरी व्यवस्था एक केंद्रीय कंट्रोल सिस्टम से जुड़ी होगी, जहां पुलिस, खुफिया एजेंसियां और प्रशासनिक अधिकारी आपसी समन्वय से काम करेंगे। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलते ही नजदीकी सुरक्षा बलों को अलर्ट कर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक आधारित यह निगरानी व्यवस्था अपराध नियंत्रण और सार्वजनिक सुरक्षा के लिहाज से बेहद प्रभावी साबित होगी। इससे न केवल अपराधियों में डर का माहौल बनेगा, बल्कि आम नागरिक भी खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे।

कुल मिलाकर, सीसीटीवी, फेशियल रिकग्निशन सिस्टम, एंटी-ड्रोन यूनिट और स्नाइपर टीमों की तैनाती से क्षेत्र की सुरक्षा को अभूतपूर्व रूप से मजबूत किया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि इस हाईटेक सुरक्षा कवच के बाद किसी भी तरह की आपराधिक या संदिग्ध गतिविधि को अंजाम देना बेहद मुश्किल होगा।