दिल्ली में खत्म हुई क्वाड देशों की अहम बैठक, वीडियो में देंखे होर्मुज संकट पर ऑस्ट्रेलिया ने जताई चिंता
देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक संपन्न हो गई। इस बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी स्थिति प्रमुख मुद्दों में शामिल रही। खास तौर पर ऑस्ट्रेलिया ने ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को बंद किए जाने की आशंका पर गंभीर चिंता जताई। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की स्थिति का असर अब वैश्विक तेल और ऊर्जा सप्लाई पर दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति काफी हद तक इस समुद्री मार्ग पर निर्भर करती है और यहां किसी भी प्रकार का व्यवधान अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
पेनी वोंग ने कहा, “क्वाड देशों का मानना है कि समुद्री रास्ते खुले रहना बेहद जरूरी हैं। वहां से गुजरने वाले जहाजों पर किसी तरह का टोल, रोक या बाधा नहीं लगाई जानी चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता बनाए रखना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है।बैठक में भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हिस्सा लिया, जबकि अमेरिका का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने किया। जापान की तरफ से तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की ओर से पेनी वोंग मौजूद रहीं। चारों देशों के नेताओं ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और मुक्त समुद्री व्यापार को लेकर भी चर्चा की।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री सहयोग, आपूर्ति श्रृंखला और रणनीतिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से बातचीत हुई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण तेल कीमतों में संभावित उछाल और वैश्विक व्यापार पर पड़ने वाले असर को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई।विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक स्तर पर बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस इसी रास्ते से होकर गुजरती है। ऐसे में यदि यहां किसी प्रकार की रोक या सैन्य तनाव बढ़ता है तो इसका सीधा असर दुनिया भर के ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है।
क्वाड देशों की यह बैठक ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। हाल के दिनों में ईरान की ओर से कई सख्त बयान सामने आए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता और बढ़ गई है।बैठक के बाद जारी संकेतों से साफ है कि क्वाड देश समुद्री सुरक्षा और वैश्विक व्यापार मार्गों की स्वतंत्रता को लेकर एकजुट नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की स्थिति और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दुनिया की निगाहें क्वाड देशों की अगली रणनीति पर टिकी रहेंगी।