NEET-UG 2026 पेपर लीक की साजिश महीनों पहले रची गई! CBI चार्जशीट में NTA एक्सपर्ट्स पर गंभीर आरोप
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI की चार्जशीट में चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, परीक्षा का पेपर लीक करने की साजिश परीक्षा से कई महीने पहले ही रची गई थी। CBI ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल 94 पेज की चार्जशीट में इस मामले से जुड़े कई अहम तथ्यों का उल्लेख किया है।
चार्जशीट के अनुसार, पेपर तैयार करने की प्रक्रिया के दौरान ही कथित तौर पर कुछ NTA एक्सपर्ट्स ने सवालों को याद कर लिया था। इसके बाद इन सवालों को परीक्षा से पहले अन्य लोगों तक पहुंचाने की साजिश रची गई। जांच एजेंसी का दावा है कि यह पूरी योजना अचानक नहीं बनी थी, बल्कि इसे पहले से तैयार किया गया था।
पेपर तैयार करने के दौरान सवाल याद करने का आरोप
CBI की चार्जशीट में कहा गया है कि NEET-UG का प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल एक्सपर्ट्स के पास परीक्षा से पहले ही सवालों तक पहुंच थी। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने प्रश्नों को याद कर लिया। इसके बाद कथित तौर पर उन सवालों को आगे पहुंचाने और अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई।
जांच एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क की भूमिका और उसके संपर्कों की पड़ताल कर रही है। चार्जशीट में कथित पेपर लीक की योजना से जुड़े लोगों और घटनाक्रम का भी उल्लेख किया गया है।
कई महीने पहले शुरू हुई थी तैयारी
CBI के मुताबिक, पेपर लीक की साजिश परीक्षा के बेहद करीब नहीं बल्कि कई महीने पहले शुरू हो गई थी। जांच एजेंसी ने चार्जशीट में इस बात को महत्वपूर्ण आधार बनाया है कि आरोपियों को परीक्षा की तैयारी और प्रश्नपत्र से संबंधित जानकारी पहले से हासिल करने का अवसर मिला।
मामले की जांच के दौरान CBI ने संबंधित लोगों से पूछताछ के साथ-साथ दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को भी खंगाला। एजेंसी का दावा है कि इन जांचों से पेपर लीक की कथित साजिश की कड़ियां सामने आईं।
लाखों छात्रों की परीक्षा से जुड़ा मामला
NEET-UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। हर साल लाखों छात्र MBBS, BDS समेत विभिन्न मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए इस परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में प्रश्नपत्र की गोपनीयता और परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ गई थी। अब CBI की चार्जशीट में साजिश कई महीने पहले रचे जाने और प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल लोगों पर लगे आरोपों से मामला और गंभीर हो गया है।
हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोप अभी अदालत के समक्ष विचाराधीन हैं और आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी। अब मामले में आगे की सुनवाई के दौरान CBI की ओर से पेश किए गए सबूतों और आरोपों पर अदालत का रुख महत्वपूर्ण रहेगा।