स्वतंत्र भारद्वाज को अंतरिम जमानत, लेकिन कोर्ट की सख्त शर्तें; एक गलती पर छिन सकती है राहत
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज को तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दी है। अदालत ने सोशल मीडिया पोस्ट और शिकायतकर्ता-गवाहों से संपर्क समेत कई गतिविधियों पर रोक लगाई है।
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जंतर-मंतर पर हुई कथित मारपीट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को मंगलवार को तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी। हालांकि, अदालत ने राहत के साथ कई कड़ी शर्तें भी लगाई हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अंतरिम जमानत के दौरान आरोपी के आचरण पर नजर रखी जाएगी और शर्तों का पालन नहीं होने पर उसे मिलने वाली राहत प्रभावित हो सकती है। नियमित जमानत की अर्जी पर अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी।
मामला जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, स्वतंत्र भारद्वाज पर एक प्रदर्शनकारी के पिता के साथ मारपीट का आरोप है। मामले में उनके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। उन्हें गिरफ्तार किए जाने के बाद अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेजा था। अब पटियाला हाउस कोर्ट ने सीमित अवधि के लिए अंतरिम जमानत प्रदान की है।
सोशल मीडिया पर बयान देने पर रोक
अदालत ने अंतरिम जमानत के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज को मामले से संबंधित किसी भी तरह की सार्वजनिक टिप्पणी करने से रोक दिया है। कोर्ट के निर्देश के मुताबिक वह सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक या प्रिंट मीडिया अथवा किसी अन्य सार्वजनिक मंच पर मामले, अपने बचाव, शिकायतकर्ता या उसके परिवार से संबंधित बयान, पोस्ट, वीडियो, पॉडकास्ट, इंटरव्यू या रील प्रकाशित, अपलोड या साझा नहीं कर सकते।
शिकायतकर्ता और गवाहों से संपर्क नहीं
कोर्ट ने शिकायतकर्ता, उसकी नाबालिग बेटी, परिवार के सदस्यों और अभियोजन पक्ष के गवाहों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क करने पर भी रोक लगाई है। अदालत ने आरोपी को किसी भी तरह से उन्हें प्रभावित करने, धमकाने या प्रलोभन देने से दूर रहने का निर्देश दिया है।
इसके अलावा स्वतंत्र भारद्वाज को जांच में सहयोग करने और जांच अधिकारी की ओर से बुलाए जाने पर पेश होने का निर्देश दिया गया है। उन्हें सबूतों से किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं करने और बिना अदालत की अनुमति के देश नहीं छोड़ने की शर्त भी रखी गई है।
पुलिस जांच पर भी कोर्ट की टिप्पणी
अंतरिम जमानत देते हुए अदालत ने जांच एजेंसी को भी कई निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने 23 जून को जंतर-मंतर पर हुई घटना से संबंधित CCTV फुटेज, पुलिस रिकॉर्डिंग, तस्वीरें और अन्य डिजिटल सामग्री जुटाने को कहा है। इसके अलावा स्वतंत्र भारद्वाज के कॉल डिटेल रिकॉर्ड और टावर लोकेशन की जानकारी हासिल करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सोशल मीडिया से जुड़े रिकॉर्ड और संबंधित इलेक्ट्रॉनिक सामग्री को फोरेंसिक जांच के लिए भेजने को भी कहा गया है।
अदालत ने कहा कि अंतरिम जमानत की अवधि में आरोपी के आचरण को देखा जाएगा। इसके बाद नियमित जमानत की याचिका पर आगे विचार किया जाएगा। फिलहाल स्वतंत्र भारद्वाज को तीन सप्ताह की अंतरिम राहत मिली है, लेकिन उन्हें अदालत की निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा। मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी।