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गाजियाबाद से नोएडा आने-जाने वालों को राहत, शाहबेरी लिंक रोड होगी दोगुने से ज्यादा चौड़ी

 

गाजियाबाद से नोएडा और ग्रेटर नोएडा आने-जाने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को शाहबेरी से जोड़ने वाली सड़क को जल्द ही दोगुने से अधिक चौड़ा किया जाएगा। सड़क के चौड़ीकरण से इस मार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और वाहन चालकों को जाम से राहत देने में मदद मिलेगी।

शाहबेरी को एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला यह मार्ग आसपास की कई बड़ी आवासीय सोसाइटियों के लिए महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी का काम करता है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में इस सड़क पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है। सड़क की मौजूदा चौड़ाई कम होने के कारण कई बार वाहनों की लंबी कतार लग जाती है और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगता है।

सड़क के चौड़ीकरण का सबसे अधिक फायदा क्रॉसिंग रिपब्लिक और आसपास की दर्जनों सोसाइटियों में रहने वाले लोगों को मिलने की उम्मीद है। इन इलाकों से बड़ी संख्या में लोग रोजाना नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में नौकरी और कारोबार के लिए आते-जाते हैं।

प्रस्तावित चौड़ीकरण के बाद सड़क पर वाहनों की आवाजाही के लिए अधिक जगह उपलब्ध होगी। इससे ट्रैफिक का दबाव कम करने के साथ-साथ वाहनों की गति को भी बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक पहुंच आसान होने से आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लगातार नई सोसाइटियां और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, लेकिन उसके मुकाबले सड़क और ट्रैफिक व्यवस्था पर दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सड़क का चौड़ीकरण लंबे समय से महसूस की जा रही जरूरत को पूरा करेगा।

प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद गाजियाबाद से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच आवागमन करने वाले हजारों लोगों को रोजाना राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर पीक ऑवर में लगने वाले जाम की समस्या कम होने से लोगों का समय बचेगा और सफर अधिक सुगम हो सकेगा।

इस सड़क के विस्तार को क्षेत्र में बढ़ते शहरीकरण और यातायात को देखते हुए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में परियोजना का काम पूरा होने के बाद शाहबेरी और आसपास के क्षेत्रों की सड़क कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।