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सत्य निकेतन हादसा: वायरल रेंट एग्रीमेंट में PG मालिकों का 'बचाव' क्लॉज? हादसे में 7 की मौत

 

दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद सामने आई त्रासदी ने पीजी और किराये की इमारतों में सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार को हुए इस दर्दनाक हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित रेंट एग्रीमेंट तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि इस दस्तावेज में पीजी मालिकों ने किसी भी हादसे की स्थिति में खुद को कार्रवाई से बचाने के लिए पहले से ही एक प्रावधान रखा था।

हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस रेंट एग्रीमेंट की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में दस्तावेज में लिखी शर्तों और हादसे के बीच सीधे तौर पर संबंध स्थापित करना फिलहाल उचित नहीं होगा। फिर भी वायरल दस्तावेज ने पीजी में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और मकान मालिकों की जिम्मेदारी को लेकर बहस तेज कर दी है।

हादसे के बाद वायरल हुआ रेंट एग्रीमेंट

सत्य निकेतन में इमारत गिरने के बाद सोशल मीडिया पर कथित रेंट एग्रीमेंट की तस्वीरें शेयर की जा रही हैं। इसे लेकर दावा किया जा रहा है कि पीजी मालिकों ने संभावित हादसे की स्थिति में अपनी जिम्मेदारी सीमित करने की कोशिश की थी।

वायरल दस्तावेज को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि इसकी वास्तविकता और उसमें दर्ज शर्तों की पुष्टि संबंधित अधिकारियों या जांच एजेंसियों से होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाए।

पांच मंजिला इमारत गिरने से 7 मौतें

रविवार को सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत के गिरने की घटना हुई। अचानक हुए हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका के चलते राहत और बचाव अभियान चलाया गया।

हादसे में 7 लोगों की जान चली गई। इस घटना ने राजधानी में पीजी और किराये की इमारतों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

सुरक्षा मानकों पर उठ रहे सवाल

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इमारत में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम किए गए थे। पुरानी या कमजोर इमारतों में बड़ी संख्या में लोगों के रहने की स्थिति में किसी दुर्घटना की आशंका और गंभीर हो जाती है।

इसी बीच दिल्ली नगर निगम ने भी शहर की इमारतों की जांच को लेकर कदम उठाए हैं। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में इमारतों की स्थिति का जायजा लेकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

वायरल दस्तावेज की जांच जरूरी

सोशल मीडिया पर किसी दस्तावेज के वायरल होने के बाद उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि बेहद जरूरी होती है। यदि रेंट एग्रीमेंट वास्तविक है तो उसमें दर्ज शर्तों की कानूनी स्थिति और हादसे में उनकी भूमिका की जांच संबंधित एजेंसियां ही कर सकती हैं।

फिलहाल सत्य निकेतन हादसा एक गंभीर चेतावनी है। सात लोगों की मौत के बाद अब सवाल सिर्फ वायरल रेंट एग्रीमेंट का नहीं, बल्कि पीजी में रहने वाले लोगों की सुरक्षा, इमारतों की स्थिति और जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था का भी है। हादसे की जांच में इन सभी पहलुओं के सामने आने की उम्मीद है।