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नोएडा की कॉपरेटिव हाउसिंग सोसाइटियों के फ्लैट मालिकों को राहत, 2500 आवंटियों के मालिकाना हक विवाद के समाधान की पहल

 

नोएडा प्राधिकरण ने पुराने सेक्टरों की कॉपरेटिव हाउसिंग सोसाइटियों में रहने वाले फ्लैट मालिकों के लिए बड़ी पहल की है। लंबे समय से चले आ रहे फ्लैटों के मालिकाना हक से जुड़े विवाद को सुलझाने की दिशा में प्राधिकरण ने कदम बढ़ाया है। इस पहल से करीब 2500 आवंटियों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

मामला नोएडा के पुराने सेक्टरों में स्थित कॉपरेटिव हाउसिंग सोसाइटियों के फ्लैटों के स्वामित्व अधिकार से जुड़ा है। कई वर्षों से इन सोसाइटियों में रहने वाले फ्लैट मालिक व्यक्तिगत रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे थे। इसके चलते उन्हें अपने फ्लैट के कानूनी मालिकाना हक से संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

नोएडा प्राधिकरण अब इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की तैयारी कर रहा है। प्राधिकरण की पहल सफल होने के बाद फ्लैट मालिक अपने-अपने फ्लैट की व्यक्तिगत रजिस्ट्री करा सकेंगे। इससे उन्हें संपत्ति पर स्पष्ट कानूनी अधिकार मिल सकेगा और भविष्य में होने वाले विवादों से भी राहत मिलेगी।

बताया जा रहा है कि कॉपरेटिव हाउसिंग सोसाइटियों में फ्लैटों के हस्तांतरण और स्वामित्व को लेकर कई तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनें थीं। इन्हीं वजहों से बड़ी संख्या में फ्लैट मालिकों की रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। अब प्राधिकरण इन अड़चनों को दूर करने के लिए संबंधित विभागों और सोसाइटियों के साथ मिलकर समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है।

प्राधिकरण की इस पहल से उन आवंटियों को सबसे अधिक राहत मिलने की उम्मीद है, जो वर्षों से अपने फ्लैट की व्यक्तिगत रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे हैं। रजिस्ट्री होने के बाद वे अपने फ्लैट को लेकर अधिक सुरक्षित महसूस कर सकेंगे और संपत्ति से जुड़े कामों में आसानी होगी।

अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों और नियमों की समीक्षा की जा रही है। इसके बाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि पात्र फ्लैट मालिकों को इसका लाभ मिल सके। प्राधिकरण का उद्देश्य है कि लंबे समय से लंबित इस समस्या का व्यावहारिक समाधान निकाला जाए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मालिकाना हक स्पष्ट नहीं होने के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बैंक लोन, संपत्ति हस्तांतरण और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में भी दिक्कतें आती थीं। व्यक्तिगत रजिस्ट्री की सुविधा मिलने से इन समस्याओं में कमी आने की संभावना है।

नोएडा प्राधिकरण की इस पहल को पुराने सेक्टरों की हाउसिंग सोसाइटियों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि समाधान प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है और कितने आवंटियों को इसका लाभ मिल पाता है।