दिल्ली में कारोबार करना होगा आसान, रेखा गुप्ता सरकार लाएगी नया बिल; NOC-लाइसेंस के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर
दिल्ली में कारोबार शुरू करने और संचालित करने की प्रक्रिया को आसान एवं पारदर्शी बनाने के लिए रेखा गुप्ता सरकार नया कानून लाने की तैयारी में है। प्रस्तावित बिल का उद्देश्य उद्यमियों और व्यापारियों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर से राहत देना, लाइसेंस और एनओसी की प्रक्रिया को सरल बनाना तथा कारोबार के लिए बेहतर माहौल तैयार करना है।
सरकार के अनुसार, नए बिल के लागू होने के बाद विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC), लाइसेंस और अन्य जरूरी मंजूरियों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अधिकांश प्रक्रियाओं को डिजिटल और समयबद्ध बनाया जाएगा, जिससे कारोबार शुरू करने में लगने वाला समय और प्रशासनिक बाधाएं कम होंगी।
प्रस्तावित कानून में कई महत्वपूर्ण बदलाव शामिल किए गए हैं। इसके तहत विभिन्न विभागों की अनुमतियों को एकीकृत करने, आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन करने और तय समय सीमा में मंजूरी देने की व्यवस्था पर जोर दिया जाएगा। यदि निर्धारित समय के भीतर संबंधित विभाग फैसला नहीं लेता है, तो कुछ मामलों में स्वीकृति की प्रक्रिया को स्वत: आगे बढ़ाने जैसे प्रावधानों पर भी विचार किया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि इससे दिल्ली में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) के साथ-साथ स्टार्टअप्स को भी बड़ी राहत मिलेगी। कारोबार शुरू करने की जटिल प्रक्रियाएं कम होने से नए उद्यमियों को व्यवसाय स्थापित करने में आसानी होगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
इसके अलावा, बिल का उद्देश्य सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाना और अनावश्यक कागजी कार्रवाई को कम करना भी है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आवेदन की स्थिति की निगरानी की जा सकेगी, जिससे आवेदकों को समय पर जानकारी मिलती रहेगी और प्रक्रिया अधिक जवाबदेह बनेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह बिल प्रभावी रूप से लागू होता है, तो दिल्ली की 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' रैंकिंग में सुधार हो सकता है। इससे उद्योगों और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा तथा राजधानी में व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
सरकार जल्द ही इस बिल को विधानसभा में पेश कर सकती है। पारित होने के बाद इसके नियमों और प्रावधानों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि उद्यमियों को बिना अनावश्यक बाधाओं के कारोबार शुरू करने और संचालित करने में सुविधा मिल सके।