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फरीदाबाद में बारिश बनी आफत: सड़कें जलमग्न, घरों में घुसा पानी; ऑफिस जाने वालों को झेलनी पड़ी भारी परेशानी

 

हरियाणा के फरीदाबाद में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। गुरुवार को हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई। प्रमुख सड़कें पानी में डूब गईं, जबकि निचले इलाकों में बारिश का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया। जलभराव के कारण आम लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

बारिश के बाद शहर की कई मुख्य सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई। कई जगह वाहन पानी में फंस गए और लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल आने-जाने वालों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

निचले इलाकों में हालात और भी खराब रहे। बारिश का पानी घरों में घुसने से लोगों का घरेलू सामान भीग गया और कई परिवारों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। लोगों ने घरों से पानी निकालने के लिए मोटर पंप और अन्य साधनों का सहारा लिया। कई कॉलोनियों में जलभराव के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया।

ऑफिस आने-जाने वाले कर्मचारियों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ी। सड़कें जलमग्न होने और ट्रैफिक जाम के कारण लोग घंटों रास्ते में फंसे रहे। कई कर्मचारी समय पर अपने कार्यालय नहीं पहुंच सके। स्कूल जाने वाले बच्चों और अभिभावकों को भी जलभराव के चलते काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

नगर निगम की टीमें जल निकासी के लिए विभिन्न इलाकों में सक्रिय रहीं। पंपों की मदद से सड़कों और कॉलोनियों से पानी निकालने का काम किया गया, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण राहत कार्य प्रभावित होता रहा। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इसे देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

बारिश ने जहां भीषण गर्मी से राहत दिलाई है, वहीं जलभराव, ट्रैफिक जाम और घरों में घुसे पानी ने शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान जल निकासी की समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। ऐसे में एक बार फिर शहर की ड्रेनेज व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।