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पुलिस-वकील विवाद : ACP के सपोर्ट में आवाज उठाने आज PHQ में जुट सकते हैं दिल्ली पुलिस कर्मी
 

 

दिल्ली में पुलिस और वकीलों के बीच विवाद के बाद तनाव का माहौल बना हुआ है। इसी बीच ACP के समर्थन में दिल्ली पुलिस के कई कर्मियों के आज पुलिस मुख्यालय (PHQ) में जुटने की संभावना जताई जा रही है। पुलिसकर्मी अपने अधिकारी के पक्ष में आवाज उठाने के लिए एकत्र हो सकते हैं। हालांकि, जुटान और प्रदर्शन को लेकर आधिकारिक स्थिति की पुष्टि जरूरी है।

दिल्ली के शाहदरा थाने में पुलिसकर्मियों और वकीलों के बीच हुए विवाद के बाद एसीपी मनस्वी वशिष्ठ और एसएचओ अरुण कुमार के तबादले से पुलिस विभाग के एक वर्ग में नाराजगी है। इसी के विरोध में कुछ पुलिसकर्मियों ने सोमवार, 2 नवंबर की सुबह 8 बजे दिल्ली पुलिस मुख्यालय (PHQ) के बाहर जुटने की योजना बनाई है। उनका उद्देश्य दोनों अधिकारियों के समर्थन में अपनी बात रखना और उनके पुराने पदों पर बहाली की मांग करना है।

ACP का वीडियो वायरल, पुलिसकर्मियों से की अपील

इस मामले में ACP मनस्वी वशिष्ठ का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में उन्होंने अपने साथियों से सोमवार सुबह पुलिस मुख्यालय पहुंचने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि उन्हें सहकर्मियों से जो समर्थन मिला है, उससे उनका हौसला बढ़ा है। हालांकि, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अनुशासित पुलिस बल का हिस्सा होने के नाते प्रदर्शन या घेराव करने के बजाय पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार के साथ खुली बातचीत की जाए। उन्होंने ऐसी बैठक को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि ड्यूटी में व्यस्त पुलिसकर्मी भी जुड़ सकें।

DCP और यूनिट प्रमुखों को दिए गए निर्देश

प्रस्तावित जुटान को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी सक्रियता बढ़ाई है। रिपोर्टों के अनुसार, सभी जिलों के डीसीपी और यूनिट प्रमुखों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को PHQ पहुंचने से रोकने और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली पुलिस के एक वर्ग में तबादलों को लेकर असंतोष सामने आया है। वहीं, दिल्ली पुलिस महासंघ ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मुख्यालय घेराव की योजना से खुद को अलग बताया है और बातचीत के माध्यम से मामला सुलझाने की बात कही है।

23 अक्टूबर को शाहदरा थाने में शुरू हुआ था विवाद

विवाद की शुरुआत 23 अक्टूबर को शाहदरा थाने में एक पार्किंग विवाद के बाद हुई थी। इस दौरान अधिवक्ता ललित बंसल के सिर में गंभीर चोट लगने की बात सामने आई थी। इसके अगले दिन कुछ वकील थाने पहुंचे और पुलिस पर उचित कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। वकीलों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान ACP ने रिवॉल्वर दिखाकर धमकाया। दूसरी ओर, पुलिस का आरोप था कि वकीलों के एक समूह ने थाने में हंगामा किया और सरकारी काम में बाधा डाली।

इसके बाद दिल्ली की जिला अदालतों में वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी। 28 अक्टूबर को ACP मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा थाने के तत्कालीन SHO अरुण कुमार का तबादला किए जाने के बाद वकीलों ने हड़ताल खत्म कर दी।

3 नवंबर को पुलिसकर्मियों से मिलेंगे उपराज्यपाल

इस बीच, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू का 3 नवंबर को पुलिसकर्मियों से संवाद का कार्यक्रम भी तय किया गया है। यह बैठक किंग्सवे कैंप स्थित उत्सव सदन में शाम 4 बजे होगी। इसके लिए अलग-अलग जिलों और यूनिटों से कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर रैंक तक के कर्मचारियों को नामित करने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं, पुलिस और वकीलों के बीच भविष्य में विवाद रोकने के लिए संयुक्त समन्वय समिति बनाने पर भी सहमति बनी है। इसमें दोनों पक्षों के प्रतिनिधि शामिल होंगे और शिकायतों के समाधान के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।