ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो को मिली बड़ी मंजूरी, फेज-2 में 14.5 किमी का रूट; 14 स्टेशन और 1662 करोड़ की लागत
गुरुग्राम में मेट्रो कनेक्टिविटी को विस्तार देने की दिशा में बड़ी खबर सामने आई है। हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम मेट्रो के फेज-2 के सिविल निर्माण कार्य के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही अब इस हिस्से के लिए टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। फेज-2 के तहत सेक्टर-9 से साइबर सिटी तक मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा।
14.5 किलोमीटर लंबे रूट पर बनेंगे 14 स्टेशन
फेज-2 के तहत सेक्टर-9 से साइबर सिटी तक करीब 14.5 किलोमीटर लंबा मेट्रो रूट तैयार किया जाएगा। इस कॉरिडोर पर कुल 14 स्टेशन प्रस्तावित हैं। यह रूट पुराने गुरुग्राम के कई प्रमुख इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
1662 करोड़ रुपये का सिविल पैकेज
फेज-2 के सिविल निर्माण कार्य के लिए करीब 1,662 करोड़ रुपये का पैकेज रखा गया है। हरियाणा सरकार की मंजूरी के बाद गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड यानी GMRL की ओर से अक्टूबर के पहले सप्ताह में टेंडर जारी किए जाने की योजना है। इसके बाद ठेकेदार के चयन और निर्माण कार्य शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
दो प्रमुख सड़कों पर बनेंगे फ्लाईओवर-कम-मेट्रो स्ट्रक्चर
फेज-2 के निर्माण में दो महत्वपूर्ण फ्लाईओवर-कम-मेट्रो संरचनाएं भी शामिल हैं। इनमें ओल्ड दिल्ली रोड पर करीब 1.2 किलोमीटर और बजघेड़ा रोड पर करीब 800 मीटर का हिस्सा शामिल होगा। इन संरचनाओं का उद्देश्य व्यस्त सड़क मार्गों पर मेट्रो कॉरिडोर को आगे बढ़ाते हुए नीचे सड़क यातायात की आवाजाही बनाए रखना है।
फेज-1 पहले से निर्माणाधीन
गुरुग्राम मेट्रो का फेज-1 मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक करीब 15.3 किलोमीटर लंबा है। इस हिस्से का निर्माण पहले से चल रहा है और इसमें 14 स्टेशन प्रस्तावित हैं। फेज-1 के पूरा होने के बाद सेक्टर-9 से साइबर सिटी तक फेज-2 का विस्तार पूरे कॉरिडोर को आगे जोड़ेगा।
2029 का लक्ष्य, लेकिन समयसीमा अहम
पूरे मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी कॉरिडोर को 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फेज-2 के टेंडर में देरी के कारण इस समयसीमा को लेकर पहले चिंता जताई गई थी। अब सरकार की मंजूरी के बाद परियोजना के अगले चरण की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
गुरुग्राम में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से पुराने शहर के कई इलाकों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है। फेज-2 की मंजूरी के बाद अब निर्माण एजेंसी के चयन और आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी