दिल्ली के बवाना में नर्सरी छात्रा से स्कूल में यौन शोषण का आरोप, चॉकलेट का लालच देने वाला बस ड्राइवर गिरफ्तार
दिल्ली के बवाना इलाके में एक नर्सरी की छात्रा के साथ स्कूल परिसर में यौन शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल बस के ड्राइवर ने मासूम छात्रा को चॉकलेट का लालच देकर उसके साथ यौन अपराध किया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी ड्राइवर के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि आरोपी स्कूल में बस चलाने का काम करता था। इसी दौरान उसकी स्कूल की नर्सरी कक्षा में पढ़ने वाली बच्ची से पहचान थी। आरोप है कि ड्राइवर ने मासूम को चॉकलेट देने का लालच दिया और उसे अपने साथ ले गया। इसके बाद स्कूल परिसर में ही उसके साथ यौन शोषण किया गया।
घटना के बाद बच्ची ने परिजनों को मामले की जानकारी दी। परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने बच्ची के बयान और शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज
नाबालिग बच्ची से जुड़े यौन अपराध के मामले में पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पॉक्सो यानी प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज एक्ट के तहत बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान किए गए हैं।
पुलिस आरोपी से पूछताछ कर घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटा रही है। जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी ने बच्ची को किस तरह अपने साथ ले गया और क्या वह पहले से किसी तरह की योजना बना रहा था।
स्कूल परिसर में घटना से सुरक्षा पर सवाल
घटना स्कूल परिसर के अंदर होने का आरोप सामने आने के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्कूलों में बच्चों के साथ काम करने वाले ड्राइवर, कंडक्टर, कर्मचारी और अन्य स्टाफ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में उनकी निगरानी और सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
स्कूल प्रशासन की ओर से परिसर में बच्चों की सुरक्षा के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं, पुलिस इस पहलू की भी जांच कर सकती है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और स्कूल में मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ के जरिए घटना की परिस्थितियों को समझने की कोशिश की जा रही है।
बच्ची की सुरक्षा और काउंसलिंग पर जोर
पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की है। ऐसे मामलों में नाबालिग की पहचान गोपनीय रखना कानून के तहत जरूरी है। बच्ची के बयान और मेडिकल जांच समेत अन्य कानूनी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुसार की जाएंगी।
पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और जांच जारी है।
इस घटना ने एक बार फिर स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। अभिभावकों ने स्कूलों में बच्चों की निगरानी, कर्मचारियों के सत्यापन और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है।