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नेशनल शूटर के कोच पर अश्लील हरकत और जबरदस्ती होटल ले जाने का आरोप, पीड़िता ने सुनाई आपबीती

 

देश में शूटिंग खेल की दुनिया से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक नेशनल लेवल की शूटर ने अपने कोच पर अश्लील हरकत और जबरदस्ती होटल में ले जाने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने इस घटना की पूरी जानकारी मीडिया और पुलिस को दी, जिससे मामला तूल पकड़ गया है।

पीड़िता ने बताया कि वह अपने कोच के साथ प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के सिलसिले में समय बिताती थी। आरोप है कि कोच ने पहले छोटे-छोटे संकेतों और अश्लील हरकतों से शुरुआत की, और फिर उसे होटल में अकेले बुलाकर दबाव डालने की कोशिश की। पीड़िता ने कहा कि वह इस स्थिति में बेहद असहज और डर गई थी, लेकिन उसने साहस दिखाते हुए विरोध किया।

इस मामले की शिकायत मिलने के बाद संबंधित पुलिस विभाग ने तुरंत महिला सुरक्षा और साइबर सेल को मामले में जांच के लिए सक्रिय किया। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला अत्यंत गंभीर है और आरोपी के खिलाफ महिला अपराध, मानसिक उत्पीड़न और बलात्कार के प्रयास की धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि खेल जगत में प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों के बीच का विश्वास और पेशेवर रिश्ता अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। जब इस रिश्ते का दुरुपयोग होता है, तो इसका प्रभाव न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बल्कि खेल के वातावरण पर भी पड़ता है। पीड़िता ने अपने बयान में यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं से युवा खिलाड़ियों में डर और मानसिक तनाव पैदा हो सकता है।

सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों पर यह मामला वायरल होते ही लोगों ने कोच के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी। कई लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि खेल संस्थाओं में खिलाड़ियों की सुरक्षा और कोच के आचरण की निगरानी कितनी प्रभावी है।

साइकोलॉजिस्ट और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस प्रकार के मामलों में पीड़िता को मानसिक और कानूनी सहारा प्रदान करना अत्यंत जरूरी है। उन्होंने अपील की कि युवा खिलाड़ियों को इस तरह की स्थितियों से बचाने के लिए कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा नियम और शिकायत निवारण प्रणाली मजबूत की जाए।

खेल मंत्रालय और राष्ट्रीय शूटिंग संघ ने भी इस घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कदम खेल जगत में सुरक्षा और विश्वास बनाए रखने के लिए जरूरी माना जा रहा है।

पीड़िता ने अपनी आपबीती साझा करते हुए कहा कि वह चाहती है कि इस घटना से अन्य युवा खिलाड़ियों को सीख मिले और वे ऐसी किसी भी आपत्तिजनक स्थिति में आवाज उठाने में हिचकिचाएँ नहीं।