दिल्ली में कूड़े के पहाड़ और दूषित भूजल: सौरभ भारद्वाज ने भाजपा सरकार पर किया हमला
आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली में कूड़े के नए पहाड़ बनाने और इसके कारण भूजल दूषित होने को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण दिल्ली भारत की कैंसर कैपिटल बनती जा रही है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार भलस्वा का कूड़ा किराड़ी में डाल रही है, जो स्थानीय निवासियों, खासकर गरीब और पूर्वांचलियों की स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा रहा है। उनका कहना था कि इस कूड़े के पहाड़ से निकलने वाले हानिकारक तत्व और प्रदूषण स्थानीय भूजल को दूषित कर रहे हैं, जिससे कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
AAP अध्यक्ष ने कहा कि दिल्लीवासियों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की यह नीति केवल कूड़ा ढेरने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे गरीबों और पिछड़े वर्गों की जान खतरे में पड़ रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता को इस मुद्दे पर जागरूक होना चाहिए और भ्रष्ट और असंवेदनशील नीतियों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि भाजपा सरकार ने शहर में कूड़े प्रबंधन और स्वच्छता को प्राथमिकता देने की बजाय जल और मिट्टी को प्रदूषित करने वाले उपाय अपनाए हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि भलस्वा और अन्य कूड़े के पहाड़ों को तुरंत बंद किया जाए और दिल्लीवासियों के लिए सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल समाधान खोजा जाए।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली में कूड़ा-प्रबंधन की समस्या लंबे समय से गंभीर रही है। बिना उचित निपटान और संरक्षण उपायों के, यह केवल भूजल और वायु प्रदूषण को बढ़ाएगा, जिससे आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। सौरभ भारद्वाज के हमले ने इसे राजनीतिक बहस का विषय भी बना दिया है।
AAP नेता ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई नहीं की, तो आम जनता और नागरिक संगठन इसे लेकर सतर्कता और विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्लीवासियों को सुरक्षित पानी और स्वच्छ वातावरण का अधिकार है, जिसे किसी भी राजनीतिक स्वार्थ के कारण खतरे में नहीं डाला जा सकता।
कुल मिलाकर, सौरभ भारद्वाज का यह हमला भाजपा सरकार की पर्यावरण नीति और कूड़ा प्रबंधन को लेकर चिंता और विवाद को उजागर करता है। दिल्ली में कूड़े के पहाड़ और दूषित भूजल ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दिया है। विशेषज्ञ, नागरिक और राजनीतिक दल अब इस मुद्दे पर सतर्कता और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि दिल्लीवासियों को स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।