दिल्ली-एनसीआर में मानसून बना मुसीबत: 36 घंटे की बारिश से जनजीवन बेहाल, IMD का अलर्ट जारी
जिस मानसून का दिल्ली-एनसीआर के लोग भीषण गर्मी से राहत के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, वही अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। पिछले करीब 36 घंटे से रुक-रुककर हो रही बारिश ने राजधानी और आसपास के इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही बारिश के चलते कई क्षेत्रों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई है, जिससे सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत एनसीआर के कई हिस्सों में प्रमुख सड़कें पानी में डूब गई हैं। कई अंडरपास और निचले इलाकों में पानी भरने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ऑफिस जाने वाले लोगों को घंटों ट्रैफिक जाम में फंसना पड़ा, जबकि दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश का असर केवल यातायात तक सीमित नहीं रहा। कई कॉलोनियों और निचले इलाकों में पानी घरों और दुकानों तक पहुंच गया, जिससे लोगों का सामान भी भीग गया। नगर निगम की टीमें लगातार जल निकासी में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण हालात सामान्य होने में समय लग रहा है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली समेत पूरे एनसीआर के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों में कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, सक्रिय मानसूनी सिस्टम और वातावरण में नमी की अधिकता के कारण दिल्ली-एनसीआर में बारिश का दौर अभी जारी रह सकता है। यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
लगातार बारिश ने जहां एक ओर लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर राजधानी की जल निकासी व्यवस्था की पोल भी खोल दी है। हर साल मानसून के दौरान जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें, जलभराव वाले रास्तों से बचें और किसी भी आपात स्थिति में संबंधित विभागों की हेल्पलाइन से संपर्क करें। फिलहाल पूरे दिल्ली-एनसीआर में मानसून का असर जारी है और अगले 24 घंटे मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।