नोएडा में मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी तय, अब ₹13,883 से ₹17,106 तक मिलेगा वेतन; आंदोलन के बाद सरकार का फैसला
उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में काम करने वाले मजदूरों के लिए बड़ी खबर है। मजदूरों के आंदोलन और वेतन बढ़ाने की मांग के बीच सरकार ने न्यूनतम मजदूरी की दरों में संशोधन किया है। अब गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में काम करने वाले श्रमिकों को उनके कौशल के आधार पर निर्धारित न्यूनतम वेतन दिया जाएगा। ताजा संशोधित दरें 1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक लागू रहेंगी। नई दरों के तहत अकुशल श्रमिकों को ₹13,883, अर्धकुशल श्रमिकों को ₹15,271 और कुशल श्रमिकों को ₹17,106 प्रतिमाह न्यूनतम वेतन मिलेगा।
मजदूरों को अब कितना मिलेगा वेतन?
उत्तर प्रदेश श्रमविभाग ने महंगाई भत्ते (VDA) में संशोधन के आधार पर न्यूनतम मजदूरी की नई दरें तय की हैं। ये दरें गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद के श्रमिकों पर लागू होंगी।
| श्रमिकों की श्रेणी | मासिक न्यूनतम वेतन |
|---|---|
| अकुशल श्रमिक | ₹13,883 |
| अर्धकुशल श्रमिक | ₹15,271 |
| कुशल श्रमिक | ₹17,106 |
नई दरों में मूल वेतन के साथ परिवर्तनीय महंगाई भत्ता शामिल है। श्रम विभाग के मुताबिक, यह संशोधन जनवरी से जून 2026 के औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर किया गया है।
मजदूरों के आंदोलन के बाद बढ़ा था वेतन
नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में अप्रैल 2026 में बड़ी संख्या में श्रमिकों ने वेतन बढ़ाने और कामकाज की बेहतर परिस्थितियों की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। श्रमिकों ने महंगाई के मुकाबले कम वेतन मिलने, ओवरटाइम भुगतान और अन्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए थे।प्रदर्शनों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में अंतरिम बढ़ोतरी का ऐलान किया था। बाद में संशोधित दरों को औपचारिक रूप से अधिसूचित किया गया। अब अक्टूबर में महंगाई भत्ते के संशोधन के बाद वेतन की नई दरें लागू की गई हैं।
हरियाणा के मुकाबले वेतन को लेकर उठी थी मांग
नोएडा में मजदूरों के आंदोलन के पीछे हरियाणा में न्यूनतम वेतन बढ़ाने का फैसला भी एक प्रमुख वजह रहा। श्रमिकों ने नोएडा और गुरुग्राम के वेतन में अंतर का मुद्दा उठाते हुए बेहतर भुगतान की मांग की थी।श्रमिक संगठनों ने सरकार की ओर से घोषित वेतन वृद्धि को अपर्याप्त बताते हुए न्यूनतम वेतन को ₹26,000 प्रतिमाह करने की मांग भी उठाई थी। उनका कहना था कि मौजूदा महंगाई में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
कंपनियों को करना होगा न्यूनतम वेतन के नियमों का पालन
नई दरों का उद्देश्य श्रमिकों को निर्धारित न्यूनतम भुगतान सुनिश्चित करना है। नियोक्ताओं को संबंधित श्रेणी के अनुसार लागू न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते के नियमों का पालन करना होगा।नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में फैक्ट्रियां और विनिण इकाइ हैं, जहां अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रमिक काम करते हैं। ऐसे में न्यूनतम मजदूरी में संशोधन का असर बड़ी संख्या में कर्मचारियों पर पड़ सकता है।मजदूरों के लिए अब अहम बात यह होगी कि कंपनियां संशोधित दरों के अनुसार भुगतान करें और वेतन के साथ ओवरटाइम व अन्य श्रम संबंधी नियमों का भी पालन सुनिश्चित करें।