ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमले के विरोध में देशभर में प्रदर्शन, महबूबा मुफ्ती ने भी जताया विरोध
ईरान पर इजराइल और अमेरिका द्वारा हाल ही में किए गए हमलों के खिलाफ भारत में कई मुस्लिम संगठन और राजनीतिक दल विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर देश के विभिन्न राज्यों में व्यापक स्तर पर धरने, रैलियां और विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों और नेताओं का कहना है कि यह हमले वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती हैं, और उनके प्रभाव भारत सहित एशिया के कई देशों तक महसूस किए जा सकते हैं।
इस विरोध प्रदर्शन की कड़ी में, पीपल डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बुधवार, 04 मार्च 2026 को श्रीनगर में एक विशेष विरोध रैली आयोजित की। महबूबा मुफ्ती ने इस दौरान कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ऐसे हमलों को गंभीरता से लेना चाहिए और वैश्विक स्तर पर शांति बनाए रखने के लिए तुरंत कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों और लोकतांत्रिक संगठनों के माध्यम से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन महत्वपूर्ण हैं।
श्रीनगर में आयोजित इस रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। महबूबा मुफ्ती ने अपने संबोधन में भारत सरकार से अपील की कि वह इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर आवाज उठाए और ईरान के खिलाफ हमलों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंसा और युद्ध का कोई समाधान नहीं है, और सभी देशों को संवाद और कूटनीति के माध्यम से समस्या सुलझाने का प्रयास करना चाहिए।
देश के अन्य हिस्सों में भी इस हमले के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं। मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद, लखनऊ और अन्य प्रमुख शहरों में नागरिकों ने शांतिपूर्ण रैलियों के माध्यम से विरोध जताया। विभिन्न मुस्लिम और सामाजिक संगठनों ने कहा कि वे इस मुद्दे पर सतर्क रहेंगे और जरूरत पड़ने पर सरकार से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की मांग करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान पर इस तरह के हमलों के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ सकता है, और इसका असर वैश्विक तेल बाजार, ऊर्जा आपूर्ति और राजनीतिक स्थिरता पर भी पड़ सकता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय का सहयोग और कूटनीतिक प्रयास अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।
महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व में हुए श्रीनगर प्रदर्शन में युवा, महिलाएं और विभिन्न पेशेवर संगठन भी शामिल हुए। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताया और यह संदेश दिया कि नागरिक अधिकारों और अंतरराष्ट्रीय न्याय के लिए आवाज उठाना जरूरी है। प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे और हाथ में पोस्टर लेकर अपने विरोध को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया।
कुल मिलाकर, ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमले के खिलाफ भारत में विरोध प्रदर्शन एक चेतावनी के रूप में उभर रहे हैं। राजनीतिक दल, नागरिक संगठन और जनता एकजुट होकर इस मुद्दे पर अपनी आवाज़ उठा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के शांतिपूर्ण विरोध वैश्विक राजनीति में मानवाधिकारों और न्याय के महत्व को रेखांकित करते हैं।