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सत्य निकेतन हादसे के बाद ताबड़तोड़ ऐक्शन; 13 दिन में 213 निर्माण ध्वस्त, 109 सील
 

 

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद नगर निगम ने अवैध और खतरनाक निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। दिल्ली नगर निगम यानी एमसीडी ने महज 13 दिनों में 213 निर्माण ढहा दिए हैं, जबकि 109 संपत्तियों को सील किया गया है। निगम की यह कार्रवाई दिल्ली के सभी 12 जोन में की जा रही है।

1 सितंबर से शुरू हुआ अभियान

एमसीडी अधिकारियों के मुताबिक, 1 सितंबर से अवैध और खतरनाक इमारतों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। रविवार को भी निगम की टीमों ने 11 अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया और चार संपत्तियों को सील किया। इससे पहले शनिवार को 33 अवैध निर्माण गिराए गए थे और पांच संपत्तियों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई थी।

इस अभियान में बिजवासन, दिलशाद कॉलोनी, दिलशाद गार्डन और पुरानी दिल्ली समेत कई इलाकों में कार्रवाई की गई। निगम की टीमें ऐसी संपत्तियों की पहचान कर रही हैं, जहां बिना अनुमति निर्माण हुआ है या भवन का ढांचा लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।

सत्य निकेतन हादसे के बाद बढ़ी सख्ती

6 सितंबर को सत्य निकेतन में एक पीजी इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद दिल्ली में जर्जर और अवैध इमारतों को लेकर एमसीडी पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा। इसके बाद निगम ने खतरनाक इमारतों और बिना अनुमति किए गए निर्माण के खिलाफ अभियान तेज कर दिया।

निगम का कहना है कि जिन इमारतों से लोगों की जान को खतरा है, उनके मामले में किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी। जहां जरूरी है, वहां ध्वस्तीकरण या सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है।

2114 पीजी इमारतों का सर्वे

सत्य निकेतन हादसे के बाद एमसीडी दिल्लीभर में पीजी इमारतों का सर्वे भी कर रही है। अब तक करीब 2,114 ऐसी इमारतों की पहचान की गई है, जहां पीजी सुविधा संचालित हो रही है। इन इमारतों में 43 हजार से अधिक लोगों के रहने की क्षमता बताई गई है।

सर्वे के दौरान चार पीजी इमारतें बेहद खतरनाक स्थिति में मिली हैं। इन्हें गिराने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा 221 पीजी इमारतों में मरम्मत की जरूरत सामने आई है। इनमें 170 इमारतों में मामूली स्तर की मरम्मत, जबकि 51 में बड़े स्तर पर मरम्मत की जरूरत बताई गई है।

बिना नक्शे के निर्माण पर भी नजर

एमसीडी की कार्रवाई के दौरान कई ऐसी संपत्तियां सामने आई हैं, जहां स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण किया गया था। कुछ जगहों पर अतिरिक्त मंजिलें बनाने और भवन के मूल ढांचे में बदलाव की शिकायतें मिली हैं। ऐसे मामलों में निगम की ओर से नोटिस जारी करने के साथ नियमों के मुताबिक ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है।

एमसीडी का अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहने की संभावना है। निगम का कहना है कि खतरनाक और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तब तक जारी रहेगी, जब तक लोगों की सुरक्षा से जुड़े मामलों की जांच पूरी नहीं हो जाती।