CJP नेताओं के पीस बॉन्ड साइन करने पर मार्कंडेय काटजू की टिप्पणी, बोले- जनता के सामने बनी ‘भगोड़े’ की छवि
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं की ओर से पीस बॉन्ड साइन किए जाने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से जनता के सामने इन नेताओं की छवि भगोड़े जैसी बन गई है। काटजू की इस टिप्पणी के बाद पीस बॉन्ड साइन करने के फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
मार्कंडेय काटजू ने CJP नेताओं के इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे उनके प्रति जनता की धारणा प्रभावित हुई है। उनके मुताबिक, पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने से ऐसा संदेश गया है कि नेता अपने रुख पर कायम रहने के बजाय पीछे हट गए हैं।
पीस बॉन्ड को लेकर उठे सवाल
पीस बॉन्ड एक ऐसा कानूनी बंधपत्र होता है, जिसके तहत संबंधित व्यक्ति शांति बनाए रखने और भविष्य में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं करने का आश्वासन देता है। इसका इस्तेमाल प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया जाता है।
CJP नेताओं द्वारा पीस बॉन्ड साइन किए जाने के मामले में काटजू की टिप्पणी इसी फैसले पर केंद्रित है। उन्होंने इसे नेताओं की सार्वजनिक छवि से जोड़ते हुए ‘भगोड़े’ जैसी छवि बनने की बात कही।
काटजू की टिप्पणी से राजनीतिक चर्चा
मार्कंडेय काटजू सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश हैं। उनकी इस टिप्पणी को CJP नेताओं के फैसले पर एक आलोचनात्मक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि कितने नेताओं ने पीस बॉन्ड साइन किए, किन परिस्थितियों में यह प्रक्रिया पूरी हुई और बंधपत्र की शर्तें क्या थीं।
इस मामले में CJP नेताओं की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी भी उपलब्ध नहीं है। फिलहाल, पीस बॉन्ड साइन करने के फैसले और उस पर काटजू की टिप्पणी को लेकर बहस जारी है।