दिल्ली में PG आवासों की होगी मैपिंग, नियमों में छूट की संभावना तलाशेगी उप-समिति; जल्द आएगा पोर्टल
दिल्ली में पेइंग गेस्ट (PG) आवासों को व्यवस्थित करने और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि PG आवासों की मैपिंग को लेकर उच्चस्तरीय समिति की बैठक हुई। इसमें मास्टर प्लान दिल्ली और दिल्ली नगर निगम एक्ट के प्रावधानों का अध्ययन करने के लिए एक उप-समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य PG आवासों के संचालन से जुड़ी नियामक बाधाओं की समीक्षा करना और सुरक्षित आवास व्यवस्था विकसित करना है।
मास्टर प्लान और नगर निगम एक्ट की होगी समीक्षा
उप-समिति यह अध्ययन करेगी कि मौजूदा नियमों के तहत PG आवासों के वैध संचालन में कहां समस्याएं आ रही हैं और क्या आवश्यक छूट या बदलाव संभव हैं। इसमें दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), दिल्ली सरकार, दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे।
सरकार का ध्यान प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के आसपास और ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में PG आवासों को नियमानुसार संचालित करने की संभावनाएं तलाशने पर है। सत्य निकेतन, मुखर्जी नगर और बेर सराय जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में छात्र निजी PG में रहते हैं। ऐसे में आवासों के नियमन के साथ छात्रों को सुरक्षित और किफायती ठिकाना उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकता है।
PG आवासों की जानकारी के लिए बनेगा ऑनलाइन पोर्टल
बैठक में छात्रों के रहने के स्थान और उपलब्ध आवास सुविधाओं का रिकॉर्ड तैयार करने के लिए एक केंद्रीकृत वेब पोर्टल शुरू करने की योजना पर भी चर्चा हुई। शुरुआती चरण में पोर्टल पर कमरों की संख्या और बुनियादी सुविधाओं जैसी जरूरी जानकारियां जुटाई जाएंगी।पोर्टल का शुरुआती परीक्षण और ड्राई रन पूरा होने के बाद छात्रों के पंजीकरण के लिए अभियान चलाया जाएगा। इससे सरकार को यह समझने में मदद मिलेगी कि छात्र किन इलाकों में रह रहे हैं और वहां किस तरह की आवास सुविधाएं उपलब्ध हैं।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
PG आवासों में सुरक्षा मानकों की जांच के लिए MCD और DDA की संयुक्त टीमें करीब 100 चिन्हित संपत्तियों का निरीक्षण कर रही हैं। बैठक में CCTV कैमरों की व्यवस्था को मजबूत करने की सिफारिश भी की गई। प्रस्ताव के अनुसार, प्रवेश और निकास द्वारों तथा साझा क्षेत्रों में CCTV कवरेज और 40 से 45 दिनों तक रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की व्यवस्था पर विचार किया गया है। साथ ही निजी स्थानों की गोपनीयता बनाए रखने पर जोर दिया गया।
हादसे के बाद सरकार ने तेज की पहल
PG आवासों के नियमन को लेकर सरकार की कवायद 6 सितंबर को सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने की घटना के बाद तेज हुई। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी, जिनमें दिल्ली विश्वविद्यालय के पांच छात्र शामिल थे। इसके बाद छात्रों के आवास, भवन सुरक्षा और PG संचालन से जुड़े नियमों की समीक्षा शुरू की गई।सरकार प्रस्तावित Paying Guest Accommodation Regulation and Safety Bill, 2026 के मसौदे को अंतिम रूप देने की दिशा में भी काम कर रही है। हालांकि, नियमों में किसी छूट या बदलाव को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। उप-समिति की समीक्षा के बाद ही आगे की व्यवस्था स्पष्ट होगी।