Malviya Nagar Hotel Fire: मौत से पहले विवेक अग्रवाल ने भाई से कहा, “शायद हम नहीं बचेंगे”
मालवीय नगर के फ्लोरिश स्टे बी एंड बी होटल में लगी भीषण आग ने 21 लोगों की जान ले ली। इसमें गुरुग्राम के चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल और उनके परिवार के आठ सदस्य भी शामिल हैं। आग लगने से पहले विवेक ने अपने भाई को फोन कर कहा, “भाई, शायद हम नहीं बचेंगे।” यह कॉल हादसे की भयावहता का प्रमाण बन गई।
अवैध निर्माण और सुरक्षा की अनदेखी
होटल केवल छह कमरों की अनुमति वाला था, लेकिन इसमें 25 कमरे बना दिए गए थे। फायर NOC न होने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह हादसा और भी घातक साबित हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि शॉर्ट सर्किट या एसी में आग लगने की वजह से घटना हुई।
बचाव और राहत कार्य
मौके पर फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम ने राहत और बचाव कार्य किया। कई लोग खिड़कियों और बालकनी से कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। एक महिला ने अपने बच्चे को गले में लगाकर तीसरी मंजिल से कूदकर सुरक्षित निकाला।
परिवार और समाज में शोक
हादसे में कई विदेशी नागरिकों की मौत भी हुई है। विवेक अग्रवाल के परिवार ने यह घटना अपनी आंखों से देखी और मृतकों में उनके अपने भी शामिल हैं। इस हादसे ने समाज में सुरक्षा मानकों और अवैध निर्माण के प्रति गंभीर चेतावनी दी है।
आरोपी और जांच
होटल के मालिक लवकेश बजाज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और घटना में हुई चूक और लापरवाही की जांच के साथ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी है।
यह हादसा केवल एक त्रासदी नहीं, बल्कि सिस्टम और नियमों की अनदेखी का परिणाम भी है।