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हाईकोर्ट से कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ा झटका, पीड़िता के पिता की मौत मामले में जमानत याचिका खारिज

 

उन्नाव रेप कांड के दोषी और पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने पीड़िता के पिता की संदिग्ध मौत से जुड़े मामले में सेंगर की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद सेंगर की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

यह मामला उन्नाव जिले का है, जहां रेप पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस मामले में कुलदीप सिंह सेंगर पर गंभीर आरोप लगे थे। आरोप था कि पीड़िता के पिता को झूठे मुकदमे में फंसाकर हिरासत में लिया गया और उनके साथ मारपीट की गई, जिसके कारण उनकी मौत हो गई।

सेंगर की ओर से हाईकोर्ट में दायर जमानत याचिका में यह दलील दी गई थी कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित हैं और इस मामले में उनके खिलाफ प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं हैं। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि सेंगर पहले से ही अन्य मामलों में सजा काट रहे हैं और इस केस में उन्हें जमानत दी जानी चाहिए।

हालांकि, राज्य सरकार और सीबीआई की ओर से इसका कड़ा विरोध किया गया। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट को बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसमें प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा सत्ता के दुरुपयोग के स्पष्ट संकेत मिलते हैं। पीड़िता के पिता की मौत पुलिस कस्टडी में हुई थी और इसमें सेंगर की भूमिका की जांच सीबीआई ने की थी।

हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मामले की प्रकृति, आरोपों की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी को जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता। कोर्ट ने यह भी माना कि यह अपराध समाज के खिलाफ है और इसमें नरमी नहीं बरती जा सकती।

इस फैसले के बाद पीड़िता के परिवार ने संतोष जताया है। उनके वकील ने कहा कि हाईकोर्ट का यह आदेश न्याय की दिशा में एक अहम कदम है और इससे यह संदेश जाता है कि कानून के सामने कोई भी प्रभावशाली व्यक्ति बड़ा नहीं है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला न केवल इस मामले में महत्वपूर्ण है, बल्कि ऐसे मामलों में न्यायपालिका की सख्त भूमिका को भी दर्शाता है। उन्नाव रेप कांड पहले ही देशभर में सुर्खियों में रहा है और इस केस से जुड़े हर फैसले पर जनता की नजर बनी हुई है।

गौरतलब है कि कुलदीप सिंह सेंगर पहले ही उन्नाव रेप मामले में दोषी करार दिए जा चुके हैं और उन्हें उम्रकैद की सजा मिल चुकी है। इसके अलावा सड़क हादसे, गवाहों को धमकाने और पीड़िता के पिता की मौत जैसे मामलों में भी वे आरोपी हैं।

कुल मिलाकर, हाईकोर्ट के इस फैसले ने यह साफ कर दिया है कि गंभीर अपराधों में आरोपियों को राहत देना आसान नहीं है। आने वाले समय में इस मामले की आगे की सुनवाई पर भी सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।