किरण बेदी बोलीं- जमानत पर बाहर अपराधियों की जमानतें जब्त कराइए, पुलिस की मौजूदगी दिखनी चाहिए
पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त पुलिसिंग की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में आरोपी अगर जमानत पर बाहर हैं तो उनकी जमानतें जब्त कराने की दिशा में कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस की नियमित गश्त और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी दिखाई देने की बात भी कही।
किरण बेदी ने कहा कि पुलिस को सिर्फ घटना के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपराध की रोकथाम के लिए लगातार गश्त करनी होगी। उनके मुताबिक, जब पुलिस की मौजूदगी सड़कों और संवेदनशील इलाकों में नजर आती है तो लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ता है और अपराधियों पर भी निगरानी रहती है।
उन्होंने कहा कि जिन मामलों में आरोपी जमानत पर बाहर हैं, उनकी गतिविधियों पर भी नजर रखी जानी चाहिए। यदि कोई आरोपी जमानत की शर्तों का उल्लंघन करता है या दोबारा किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल पाया जाता है तो कानून के तहत उसकी जमानत रद्द कराने की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
किरण बेदी ने पुलिसिंग में सक्रियता और जवाबदेही पर जोर देते हुए कहा कि गश्त को प्रभावी बनाने के साथ पुलिस की मौजूदगी स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए। खासतौर पर उन इलाकों में नियमित निगरानी जरूरी है, जहां अपराध की घटनाओं की आशंका अधिक रहती है।
उनका यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब राजधानी दिल्ली में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कई घटनाओं के बाद सवाल उठ रहे हैं। JNU में छात्रा से कथित छेड़छाड़ और कालकाजी मंदिर के पास नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज है।
किरण बेदी के बयान में अपराध की रोकथाम के लिए पुलिस की सक्रिय गश्त, निगरानी और जमानत पर बाहर आरोपियों के संबंध में कानूनी कार्रवाई पर जोर दिया गया है। हालांकि, किसी व्यक्ति की जमानत रद्द या जब्त करने का फैसला संबंधित कानूनी प्रक्रिया और अदालत के आदेश के आधार पर ही किया जाता है।