जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पार्किंग व्यवस्था होगी हाईटेक, बारकोड युक्त स्टिकर से मिलेगी वाहन प्रवेश की अनुमति
नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय ने परिसर में पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पार्किंग से जुड़ी अव्यवस्थाओं और अनधिकृत वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने के उद्देश्य से नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब जामिया परिसर में वाहनों के लिए जारी किए जाने वाले पार्किंग स्टिकर पर बारकोड लगाया जाएगा, जिससे प्रवेश प्रक्रिया को तकनीकी रूप से और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
जामिया प्रशासन के अनुसार, नए सिस्टम के तहत सुरक्षा कर्मचारी परिसर में किसी भी वाहन को प्रवेश देने से पहले बारकोड स्कैनर के माध्यम से पार्किंग स्टिकर की प्रमाणिकता की जांच करेंगे। यदि स्टिकर वैध पाया गया, तभी वाहन को अंदर जाने की अनुमति दी जाएगी। इस व्यवस्था से न केवल पार्किंग का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा, बल्कि बाहरी और अनधिकृत वाहनों की एंट्री पर भी प्रभावी रोक लगेगी।
विश्वविद्यालय परिसर में लंबे समय से पार्किंग को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों का कहना था कि सीमित पार्किंग स्थानों पर बाहरी वाहनों की वजह से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार अवैध रूप से खड़े वाहनों के कारण यातायात भी बाधित होता था। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।
जामिया प्रशासन का कहना है कि बारकोड आधारित पार्किंग सिस्टम पूरी तरह पारदर्शी होगा। इससे यह भी सुनिश्चित किया जा सकेगा कि किस वाहन को किस श्रेणी में पार्किंग की अनुमति दी गई है। स्टिकर को विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा, जिससे किसी भी तरह की फर्जीवाड़े की संभावना कम हो जाएगी। इसके अलावा, यह सिस्टम सुरक्षा के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि हर वाहन की पहचान और प्रवेश का डेटा उपलब्ध रहेगा।
नए दिशा-निर्देशों के तहत छात्रों, शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को अपने वाहनों के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पार्किंग स्टिकर प्राप्त करना होगा। बिना बारकोड वाले या अमान्य स्टिकर वाले वाहनों को परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी, ताकि किसी को असुविधा न हो। सुरक्षा कर्मियों को भी बारकोड स्कैनिंग सिस्टम के इस्तेमाल के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आने वाले समय में पार्किंग से जुड़े सभी रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की योजना है।
छात्र संगठनों और शिक्षकों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे परिसर में अव्यवस्था कम होगी और रोजमर्रा की गतिविधियों में आसानी आएगी। कुल मिलाकर, जामिया मिल्लिया इस्लामिया का यह कदम न सिर्फ पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाएगा, बल्कि विश्वविद्यालय परिसर को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।