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जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव की मांग तेज, 5 छात्रों ने शुरू की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

 

नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में करीब 20 साल बाद छात्र संघ चुनाव कराने की मांग फिर तेज हो गई है। चुनाव कराने की मांग को लेकर पांच छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में छात्र संघ नहीं होने के कारण विद्यार्थियों की समस्याओं और उनकी आवाज को उचित मंच नहीं मिल पाता है।

छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर आंदोलन

जामिया विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग लंबे समय से उठती रही है। अब पांच छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू कर विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान इस मुद्दे की ओर खींचने की कोशिश की है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि छात्र संघ विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम होता है।

उनके मुताबिक, छात्र संघ के अभाव में विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं सामूहिक रूप से प्रशासन के सामने रखने में परेशानी होती है। इसी वजह से वे चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं।

छात्रों का कहना है- नहीं सुनी जाती आवाज

भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में निर्वाचित छात्र प्रतिनिधि नहीं होने से विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने वाला मंच कमजोर पड़ जाता है। उनका मानना है कि छात्र संघ चुनाव होने से विद्यार्थियों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिलेगा और उनकी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

छात्रों ने चुनाव कराने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है। अनिश्चितकालीन हड़ताल का मतलब है कि प्रदर्शनकारी अपनी मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लेकर बैठे हैं। हालांकि, आंदोलन कब समाप्त होगा, इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

विश्वविद्यालय प्रशासन के रुख पर नजर

अब इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी। छात्र संघ चुनाव कराने की प्रक्रिया, संभावित समयसीमा और चुनाव से जुड़े नियमों पर प्रशासन की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, यह महत्वपूर्ण होगा।

फिलहाल, पांच छात्रों की भूख हड़ताल ने जामिया में छात्र प्रतिनिधित्व और चुनाव बहाली के मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है। प्रदर्शनकारी छात्र चुनाव कराने की मांग पर अड़े हैं।