यूपी में छोटे प्लॉट पर मकान बनाना होगा आसान, नक्शा पास कराने की प्रक्रिया सरल; ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को भेजे गए नए नियम
उत्तर प्रदेश में प्लॉट पर मकान बनाने की अनुमति लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। यूपी कैबिनेट ने मॉडल भवन विनियम-2026 को मंजूरी दे दी है। इसके तहत छोटे आवासीय और व्यावसायिक प्लॉट पर भवन निर्माण के नक्शे की स्वीकृति प्रक्रिया सरल की जाएगी। नई व्यवस्था से मकान बनवाने वाले लोगों को कागजी कार्रवाई और मंजूरी के लिए लंबा इंतजार करने से राहत मिलने की उम्मीद है।
500 वर्गमीटर तक के आवासीय प्लॉट को राहत
नई नियमावली के तहत निर्धारित शर्तें पूरी करने पर 500 वर्गमीटर तक के आवासीय प्लॉट और 200 वर्गमीटर तक के व्यावसायिक प्लॉट के भवन नक्शों को स्वतः स्वीकृति देने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए नक्शा लाइसेंसधारी तकनीकी विशेषज्ञ या पंजीकृत आर्किटेक्ट से तैयार कराना होगा और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन जमा करना होगा।
नियमों के अनुसार, आवेदन मिलने के 60 दिनों के भीतर नक्शे को मंजूरी देने का प्रावधान है। निर्धारित श्रेणियों में सभी जरूरी शर्तें पूरी होने के बावजूद तय समय में निर्णय नहीं होने पर नक्शे को स्वतः स्वीकृत मानने की व्यवस्था भी शामिल है। हालांकि, यह सुविधा हर तरह के प्लॉट और हर निर्माण पर अपने आप लागू नहीं होगी।
100 वर्गमीटर तक के प्लॉट पर स्व-प्रमाणन
नए नियमों में छोटे आवासीय प्लॉट के लिए प्रक्रिया को और आसान बनाने का प्रावधान है। 100 वर्गमीटर तक के आवासीय प्लॉट और 30 वर्गमीटर तक के व्यावसायिक भवनों के लिए निर्धारित शर्तों के तहत ऑनलाइन पंजीकरण और स्व-प्रमाणन की सुविधा दी गई है। पात्र मामलों में एक रुपये के टोकन शुल्क की व्यवस्था भी बताई गई है। इससे छोटे प्लॉट पर निर्माण कराने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
ग्रेटर नोएडा में लागू करने की तैयारी
नई मॉडल भवन नियमावली राज्य के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए तैयार की गई है। इसमें नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण सहित संबंधित क्षेत्रों में निर्माण नियमों को अधिक व्यवस्थित बनाने का लक्ष्य है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में इन नियमों को लागू करने की प्रक्रिया संबंधित अधिकारियों की समीक्षा और आवश्यक औपचारिकताओं पर निर्भर करेगी। नोएडा प्राधिकरण के मामले में भी नई नियमावली का अध्ययन किया जा रहा है और इसे प्रभावी करने के लिए बोर्ड की मंजूरी की प्रक्रिया बताई गई है।
नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई
नई व्यवस्था में राहत के साथ जिम्मेदारी भी तय की गई है। नक्शे में गलत जानकारी देने, स्व-प्रमाणन में गड़बड़ी करने या भवन निर्माण के निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर प्राधिकरण स्वीकृति रद्द करने और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। इसलिए मकान बनाने से पहले प्लॉट की श्रेणी, नक्शे के मानक और लागू शर्तों की जानकारी लेना जरूरी होगा।
कुल मिलाकर, नई नियमावली का उद्देश्य छोटे प्लॉट पर मकान बनाने की प्रक्रिया को सरल करना और निर्माण संबंधी मंजूरियों में होने वाली देरी कम करना है। इसका वास्तविक लाभ संबंधित विकास प्राधिकरणों में नियम लागू होने और आवेदकों द्वारा सभी शर्तें पूरी किए जाने के बाद मिलेगा।