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रक्षा क्षेत्र में बज रहा है भारत का डंका, बीते 9 वर्षों में 23 गुणा बढ़ा भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट

 

7 मई को भारत ने भारत निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल का उपयोग करके पाकिस्तान में आतंकवादी शिविर पर हमला किया। इसके साथ ही जब पाकिस्तान ने भारत पर हमला किया तो इन हमलों को मेड इन इंडिया आकाश इंटरसेप्टर ने नाकाम कर दिया। इसके बाद भारत की जवाबी कार्रवाई में जिन ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, वे इजरायली तकनीक पर आधारित भारत में निर्मित ड्रोन थे। यह सब इस बात का संकेत है कि भारत का रक्षा क्षेत्र विश्व में धूम मचाने के लिए तैयार है।

हाल ही में रक्षा मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि पिछले 10 वर्षों में भारत के रक्षा निर्यात में 34 गुना वृद्धि हुई है और भारत दुनिया भर के 80 देशों को हथियार और रक्षा उपकरण आपूर्ति कर रहा है, जिनमें कई ऐसे देश भी शामिल हैं जो रक्षा उत्पादन में पहले से ही आत्मनिर्भर हैं, लेकिन उन्हें भारतीय रक्षा क्षेत्र में तैयार हथियार अपने यहां मौजूद हथियारों से कहीं बेहतर लगते हैं।

भारत 80 देशों को हथियार निर्यात करता है

भारत वर्तमान में दुनिया भर के 80 देशों को हथियार और रक्षा उपकरण निर्यात करता है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का रक्षा निर्यात पिछले 10 वर्षों की तुलना में 34 प्रतिशत बढ़कर 23,662 करोड़ रुपये हो गया है, जिसे सरकार ने 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा है। जहां 2024-25 में भारत का रक्षा निर्यात 23,662 करोड़ रुपये है, वहीं 2013-14 में रक्षा निर्यात केवल 686 करोड़ रुपये था। आपको बता दें कि 2024-25 में भारत के निजी क्षेत्र ने 15,233 करोड़ रुपये और डीपीएसयू ने 8,389 करोड़ रुपये के हथियार और रक्षा उपकरण निर्यात किए हैं।

पिनाका रॉकेट लांचर

भारत के पिनाका रॉकेट लांचर को दुनिया भर से प्रशंसा मिली है। इसे डीआरडीओ द्वारा विकसित किया गया है और इसका मार्क-1 संस्करण 40 किमी की रेंज देता है तथा मार्क-2 संस्करण 65 किमी की रेंज देता है। इसके साथ ही पिनाका रॉकेट लांचर को हमले की सटीकता और 42 सेकंड में 12 रॉकेट दागने की क्षमता के कारण पसंद किया जाता है।

ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल

ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ध्वनि की गति से भी अधिक तेज चलती है और यह एक निर्देशित मिसाइल है जो अपने लक्ष्य का पता लगाकर उसे नष्ट कर देती है। हाल ही में भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ इस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल किया है और इसकी सटीकता और विध्वंसक क्षमता को पाकिस्तान के साथ-साथ दुनिया ने भी देखा है। इसके अलावा तेजस लड़ाकू विमान, के9 वज्र सहित विभिन्न प्रकार की तोपें तथा बीओटी और डोर्नियर-228 विमानों की भी मांग है।