पहाड़गंज के होटलों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी! आपातकालीन निकास और फायर सेफ्टी व्यवस्था पर उठे सवाल
राजधानी दिल्ली के प्रमुख पर्यटन और होटल केंद्र Paharganj में कई होटलों द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी किए जाने का मामला सामने आया है। हालिया निरीक्षणों और शिकायतों में पाया गया कि कई प्रतिष्ठानों में आपातकालीन निकास (Emergency Exit) और अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) से जुड़े आवश्यक प्रबंधों की गंभीर कमी है।
फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल
जानकारी के अनुसार, कुछ होटलों में अग्निशमन यंत्र या तो अनुपलब्ध मिले या फिर उनकी समय पर सर्विसिंग नहीं कराई गई थी। कई जगहों पर स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म सिस्टम और आपातकालीन चेतावनी उपकरण भी मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।
विशेषज्ञों का कहना है कि आग लगने जैसी आपात स्थिति में ऐसी कमियां बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं।
आपातकालीन निकास मार्ग बाधित
निरीक्षण के दौरान कुछ होटलों में आपातकालीन निकास मार्गों पर सामान रखे होने या रास्ते संकरे होने की शिकायतें भी सामने आईं। सुरक्षा नियमों के अनुसार, किसी भी आपदा की स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए निकास मार्ग पूरी तरह खुला और सुगम होना चाहिए।
पर्यटकों की सुरक्षा पर चिंता
पहाड़गंज देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों का प्रमुख ठिकाना माना जाता है। ऐसे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि होटल संचालकों को सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
प्रशासन की बढ़ी सतर्कता
हाल के दिनों में विभिन्न स्थानों पर आग और भवन हादसों की घटनाओं के बाद प्रशासन ने होटल, गेस्ट हाउस और व्यावसायिक भवनों की जांच तेज कर दी है। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नोटिस, सीलिंग या अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
नियमित जांच की मांग
स्थानीय लोगों और सुरक्षा विशेषज्ञों ने मांग की है कि होटलों की नियमित सुरक्षा ऑडिट कराई जाए और फायर सेफ्टी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा नियमों से समझौता करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में पहाड़गंज समेत अन्य क्षेत्रों में भी निरीक्षण अभियान जारी रहने की संभावना है।