रॉन्ग साइड गाड़ी चलाई तो चालान ही नहीं, जाएंगे जेल! दिल्ली में ऐसे वाहन चालकों पर पहली बार हुई FIR
अगर आप दिल्ली की सड़कों पर गाड़ी चलाते हैं और ट्रैफिक नियम तोड़ते हैं, तो सावधान हो जाइए। राजधानी में पहली बार ट्रैफिक पुलिस ने सड़क के गलत साइड पर गाड़ी चलाने पर FIR दर्ज की है। अब नियम तोड़ने पर न सिर्फ जुर्माना बल्कि जेल भी हो सकती है। सड़क हादसों को रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है।
3 जनवरी को दिल्ली कैंटोनमेंट थाना इलाके में गलत साइड पर गाड़ी चलाने पर FIR दर्ज की गई थी, जबकि सोमवार को कपशेरा थाना इलाके में एक और मामला दर्ज किया गया। इन मामलों में इंडियन पीनल कोड (IPC) की धारा 281 के तहत कार्रवाई की गई है। इस धारा के तहत, नियम तोड़ने वाले को छह महीने तक की जेल, एक हजार रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
कार सड़क के गलत साइड से आ रही थी
यह घटना 3 जनवरी को शाम करीब 4:45 बजे दिल्ली कैंटोनमेंट इलाके में हुई। हनुमान मंदिर लाल बत्ती के पास ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस अधिकारी ने IGI एयरपोर्ट की ओर जाने वाली सड़क पर गलत दिशा में तेजी और लापरवाही से एक सिल्वर वैगनआर कार चलाते हुए देखा। इससे सड़क पर चल रही दूसरी गाड़ियों को बहुत परेशानी हुई और एक्सीडेंट का चांस बढ़ गया। गाड़ी रोकने पर ड्राइवर की पहचान अमन के तौर पर हुई, जो असल में शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है और अभी कुसुमपुर पहाड़ी पर एक झुग्गी में रहता है।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि ड्राइवर के पास वैलिड ड्राइविंग लाइसेंस या गाड़ी का इंश्योरेंस नहीं था। इसके बाद पुलिस ने इंडियन पीनल कोड और मोटर व्हीकल एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, चूंकि मामला बेलेबल था, इसलिए बाद में उसे बेल पर रिहा कर दिया गया।
एक और घटना कपशेरा चौक पर हुई, जहां एक ड्राइवर ने गलत दिशा में गाड़ी चलाने और लापरवाही दिखाने की बात मानी, लेकिन पुलिस जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही का पता चला।
2025 में 178,448 चालान काटे गए।
ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राजधानी में गलत साइड में गाड़ी चलाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। साल 2025 में अब तक ऐसे 3,05,843 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 1,78,448 चालान काटे गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गलत साइड में गाड़ी चलाना सड़क हादसों का एक बड़ा कारण है और इससे न केवल ड्राइवर बल्कि दूसरे पैदल चलने वालों की जान भी खतरे में पड़ती है।