IIT दिल्ली में ऋषिकेश कुमार की शायरी आज भी दोस्तों को है याद, जूनियर्स से भी साझा करते थे अनुभव
आईआईटी दिल्ली के कैंपस में ऋषिकेश कुमार को उनके दोस्त सिर्फ एक प्रतिभाशाली छात्र के तौर पर नहीं, बल्कि अपनी अलग पहचान रखने वाले शख्स के रूप में भी याद करते हैं। उनके करीबी दोस्तों के मुताबिक, ऋषिकेश को शायरी का काफी शौक था और वह अक्सर अपनी कविताओं व शायरी के जरिए भावनाएं व्यक्त करते थे।
दोस्त बताते हैं कि कैंपस में आयोजित होने वाले बड़े कार्यक्रमों में भी ऋषिकेश को शायरी सुनाते हुए देखा जाता था। उनकी प्रस्तुति का अंदाज लोगों को पसंद आता था और कई मौकों पर उन्होंने अपनी रचनाओं से कार्यक्रमों में एक अलग माहौल बनाया।
ऋषिकेश अपने जूनियर्स के साथ भी सहजता से बातचीत करते थे। दोस्तों के अनुसार, वह जूनियर्स से मुलाकात के दौरान अपने अनुभव साझा करते और जिंदगी से जुड़ी बातें बताते थे। वह केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहते थे, बल्कि अपने अनुभवों और सोच के जरिए दूसरों को प्रेरित करने की कोशिश करते थे।
उनके दोस्तों का कहना है कि ऋषिकेश अक्सर अपनी बातचीत में कहते थे, “हमने काफी दुनिया देखी है...”। यह बात उनके जीवन के अनुभवों और चीजों को गहराई से समझने के नजरिए को दर्शाती थी।
आईआईटी दिल्ली के कैंपस में उनके साथ बिताए समय को याद करते हुए दोस्त बताते हैं कि ऋषिकेश का व्यक्तित्व काफी मिलनसार था। वह लोगों से जुड़ना पसंद करते थे और अपनी बातों से दूसरों पर प्रभाव छोड़ते थे। उनकी शायरी और बातचीत का अंदाज उन्हें बाकी लोगों से अलग बनाता था।
दोस्तों के मुताबिक, ऋषिकेश की खासियत यह थी कि वह अपनी भावनाओं और विचारों को शब्दों में खूबसूरती से व्यक्त कर लेते थे। यही वजह है कि आज भी उनके साथ जुड़े लोग उनकी शायरी और उनके द्वारा साझा की गई बातों को याद करते हैं।
आईआईटी दिल्ली जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पढ़ाई के साथ-साथ ऋषिकेश ने अपने व्यक्तित्व और रचनात्मक रुचियों से भी अपनी पहचान बनाई। उनके दोस्तों के लिए उनकी शायरी और जीवन को देखने का नजरिया हमेशा यादगार रहेगा।