☰
×

बिजली कर्मियों की हड़ताल से हाहाकार, सोहना के 40 गांव में ब्लैक आउट, पानी को भी तरसे लोग
 

 

हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बिजली वितरण के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल का असर गुरुग्राम और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दिखाई दे रहा है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से घरों में पानी की किल्लत पैदा हो गई है, वहीं दुकानों, कारोबार और रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ा है।22 अक्टूबर से शुरू हुई इस हड़ताल के दौरान सोहना क्षेत्र के कई गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें सामने आई हैं। शुरुआती रिपोर्टों में करीब 30 से 40 गांवों के प्रभावित होने की बात कही गई है। हालांकि, सभी 40 गांवों में एक साथ पूरी तरह ब्लैकआउट होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। 

बिजली गुल होने से ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी

बिजली आपूर्ति बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिन घरों में पानी की मोटर से टंकियां भरी जाती हैं, वहां बिजली न होने के कारण पानी की व्यवस्था प्रभावित हुई है। कई परिवारों को पीने और घरेलू इस्तेमाल के लिए पानी जुटाने में परेशानी हो सकती है।लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से मोबाइल फोन चार्ज करने, घरेलू उपकरण चलाने और बच्चों की पढ़ाई जैसे जरूरी काम भी प्रभावित होते हैं। ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता बिजली आपूर्ति बहाल होने को लेकर है।

सोहना के बिजली फीडरों पर पड़ा असर

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सोहना और निमोठ बिजली घरों से जुड़े कई फीडर प्रभावित हुए। गुरुवार को सुबह आठ बजे तक चार ग्रामीण फीडर बंद बताए गए थे, जबकि दोपहर बाद इनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई थी। इसके चलते करीब 30 गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की सूचना थी। हड़ताल के कारण बिजली लाइनों में खराबी आने पर मरम्मत कार्य प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ गई। सामान्य दिनों में फाल्ट आने पर विभागीय कर्मचारी मौके पर पहुंचकर आपूर्ति बहाल करते हैं, लेकिन कर्मचारियों की अनुपलब्धता से शिकायतों के निपटारे में देरी हो सकती है।

निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों की हड़ताल

हरियाणा में बिजली कर्मचारी 22 से 24 अक्टूबर तक तीन दिवसीय हड़ताल पर हैं। कर्मचारी संगठनों ने यह आंदोलन गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी को 25 साल का लाइसेंस दिए जाने के विरोध में शुरू किया है।हरियाणा विद्युत नियामक आयोग ने 19 अक्टूबर को इलेवन पावर प्राइट लिमिटेड को गुरुग्राम और नूंह में समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस दिया था। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इससे सरकारी बिजली वितरण व्यवस्था और कर्मचारियों के हित प्रभावित हो सकते हैं। वे लाइसेंस रद्द करने की मांग कर रहे हैं। 

सरकार ने कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने की अपील की

बिजली संकट के बीच हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त करने की अपील की है। बिजली मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों से बातचीत और कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करने का आग्रह किया है।इस बीच बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों की परेशानी बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के साथ पेयजल व्यवस्था प्रभावित होना बड़ी चिंता बन गया है।

लोगों को बिजली बहाल होने का इंतजार

हड़ताल 24 अक्टूबर तक प्रस्तावित है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की नजर बिजली आपूर्ति बहाल होने पर टिकी है। यदि फीडरों में आई खराबियों की समय पर मरम्मत नहीं होती है, तो घरेलू जरूरतों के साथ कारोबार और पेयजल व्यवस्था पर भी असर बना रह सकता है।