×

दिल्ली में बुजुर्ग NRI दंपती को 17 दिन तक रखा डिजिटल अरेस्ट, वीडियो में देखें 15 करोड़ की ऑनलाइन ठगी

 

राजधानी दिल्ली से साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बुजुर्ग नॉन रेजिडेंट इंडियन (NRI) दंपती से करीब 15 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई। दिल्ली पुलिस के अनुसार, ठगों ने इस दंपती को पूरे 17 दिनों तक तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और अलग-अलग खातों में मोटी रकम ट्रांसफर करवा ली।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/xhGX_-b8CiY?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/xhGX_-b8CiY/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

पीड़ित दंपती की पहचान डॉ. ओम तनेजा और उनकी पत्नी डॉ. इंदिरा तनेजा के रूप में हुई है। दोनों करीब 48 वर्षों तक अमेरिका में रहे और संयुक्त राष्ट्र (यूएन) से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद वर्ष 2015 में वे भारत लौट आए थे और दिल्ली के ग्रेटर कैलाश-2 इलाके में रहकर सामाजिक और चैरिटी कार्यों में सक्रिय थे।

पुलिस जांच में सामने आया है कि ठगों ने खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) का अधिकारी बताया। ठगों ने पहले कॉल कर दावा किया कि दंपती के नाम से कई फर्जी मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट चल रहे हैं, जिनका इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य गंभीर अपराधों में किया गया है। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए उन्हें डराया-धमकाया गया और कहा गया कि अगर वे किसी से संपर्क करेंगे या घर से बाहर निकले तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इस दौरान ठगों ने दंपती को लगातार निगरानी में रखा और उन्हें फोन या वीडियो कॉल डिस्कनेक्ट न करने के निर्देश दिए। पुलिस के अनुसार, यही ‘डिजिटल अरेस्ट’ था, जिसमें पीड़ितों को मानसिक दबाव में रखकर उनके फैसले नियंत्रित किए गए। ठगों ने जांच के नाम पर दंपती से अलग-अलग चरणों में करीब 15 करोड़ रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए।

17 दिनों तक चले इस साइबर फ्रॉड के बाद जब दंपती को संदेह हुआ और उन्होंने परिजनों से संपर्क किया, तब जाकर पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर सेल को जांच सौंप दी है। शुरुआती जांच में कई संदिग्ध बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शंस का पता चला है, जिनकी जांच की जा रही है।

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है और ठगों ने बेहद शातिर तरीके से बुजुर्ग और पढ़े-लिखे लोगों को भी निशाना बनाया। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के जरिए इस तरह की पूछताछ या पैसों की मांग नहीं करती। अगर कोई खुद को अधिकारी बताकर डराने की कोशिश करे, तो तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।

इस घटना ने एक बार फिर साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है। खासतौर पर बुजुर्ग और विदेश से लौटे लोगों को ठग निशाना बना रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। फिलहाल दंपती सदमे में हैं और उन्हें काउंसलिंग की मदद भी दी जा रही है।