386 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में ED की बड़ी कार्रवाई: दिल्ली-NCR के 7 ठिकानों पर तलाशी, 600 से ज्यादा घर खरीदार प्रभावित
प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने 386 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी से जुड़े मामले में दिल्ली-NCR में बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने इस मामले में दिल्ली और एनसीआर के सात ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह मामला 600 से ज्यादा घर खरीदारों से जुड़ा बताया जा रहा है।
ईडी की यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग की ओर से दर्ज की गई कई एफआईआर और दाखिल की गई चार्जशीट के आधार पर की गई। जांच एजेंसी अब कथित वित्तीय अनियमितताओं और धन के लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि इस मामले में बड़ी संख्या में घर खरीदारों से रकम ली गई थी। आरोप है कि खरीदारों से प्राप्त धनराशि के इस्तेमाल और परियोजनाओं से जुड़े वित्तीय लेनदेन में अनियमितताएं हुईं। मामले में कुल कथित धोखाधड़ी की रकम करीब 386 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
ईडी की टीमों ने दिल्ली-NCR के सात अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान जांच एजेंसी ने मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य संभावित सबूतों की तलाश की। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
जांच की शुरुआत दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की ओर से दर्ज मामलों से हुई। इन मामलों में जांच के बाद चार्जशीट भी दाखिल की गई थी। इन्हीं एफआईआर और चार्जशीट में सामने आए तथ्यों के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग और कथित वित्तीय अपराधों से जुड़े पहलुओं की जांच आगे बढ़ाई।
600 से ज्यादा घर खरीदारों के इस मामले से जुड़े होने के कारण जांच का दायरा काफी बड़ा है। घर खरीदने के लिए रकम देने वाले लोगों को लंबे समय से आर्थिक और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब ईडी की कार्रवाई से मामले में वित्तीय लेनदेन की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।
ईडी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर धोखाधड़ी से हासिल रकम का इस्तेमाल कहां किया गया और क्या इस धन को अलग-अलग संपत्तियों या अन्य माध्यमों में लगाया गया। जांच के दौरान सामने आने वाले बैंक खातों, दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल तलाशी अभियान के बाद ईडी की जांच जारी है। एजेंसी की ओर से बरामद या जब्त किए गए दस्तावेजों और अन्य सामग्री का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
386 करोड़ रुपए के कथित धोखाधड़ी मामले में ईडी की सात ठिकानों पर हुई कार्रवाई से दिल्ली-NCR के रियल एस्टेट सेक्टर में भी हलचल बढ़ गई है। अब नजर इस बात पर है कि जांच में वित्तीय लेनदेन और कथित धोखाधड़ी से जुड़े कौन से नए तथ्य सामने आते हैं।