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दिल्ली में पानी का भीषण संकट: वजीराबाद प्लांट बंद, शहर के बड़े हिस्से में सप्लाई चरमरा गई

 

राजधानी दिल्ली में पानी की आपूर्ति को लेकर भीषण संकट पैदा हो गया है। यमुना नदी के पानी में अमोनिया का स्तर बढ़ने और मुनक नहर की मरम्मत कार्यों के चलते दिल्ली के सात प्रमुख वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रभावित हुए हैं।

सबसे अधिक प्रभावित वजीराबाद ट्रीटमेंट प्लांट है, जो दिल्ली का सबसे बड़ा प्लांट है। अधिकारियों के अनुसार, इस प्लांट को पूरी तरह बंद करना पड़ा है, जिससे दिल्ली के बड़े हिस्से में पानी की सप्लाई पूरी तरह चरमरा गई है।

दिल्ली जल बोर्ड ने नागरिकों को सूचित किया है कि इस संकट के चलते शहर के कई क्षेत्रों में पानी की किल्लत 4 फरवरी तक बनी रह सकती है। जल बोर्ड ने जनता से पानी के संरक्षण और विवेकपूर्ण उपयोग की अपील की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यमुना में अमोनिया का बढ़ता स्तर नदी के प्रदूषण और औद्योगिक अपशिष्ट के कारण हो सकता है। अमोनिया की अधिकता पानी के ट्रीटमेंट प्रोसेस को प्रभावित करती है और पानी पीने योग्य बनाने की क्षमता घटा देती है।

इसके अलावा, मुनक नहर की मरम्मत कार्य भी पानी की आपूर्ति में बाधा डाल रहा है। मुनक नहर दिल्ली के कई ट्रीटमेंट प्लांटों को जल पहुँचाती है। मरम्मत के दौरान इस नहर के माध्यम से पानी की सप्लाई कम हो गई है, जिससे शहर के विभिन्न इलाकों में पानी की कमी और बढ़ गई है।

शहरवासियों को पहले ही सतर्क रहने और पानी की बचत करने की चेतावनी दी जा चुकी है। जल बोर्ड ने कहा है कि फिलहाल केवल जरूरी घरेलू कार्यों के लिए पानी का इस्तेमाल करें और भंडारण की कोशिश न करें, ताकि किसी भी स्थिति में पानी का अधिकतम वितरण सुनिश्चित किया जा सके।

दिल्ली के कई इलाके, जिनमें पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बड़े हिस्से, नोएडा से लगते इलाके और कुछ मध्य दिल्ली क्षेत्र शामिल हैं, विशेष रूप से प्रभावित हैं। जल बोर्ड के अधिकारी इन क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति टैंकरों के माध्यम से करने की भी योजना बना रहे हैं।

सामाजिक संगठन और नागरिकों ने प्रशासन से तुरंत समाधान और लंबी अवधि की योजना बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि यमुना जैसे प्रमुख स्रोतों में प्रदूषण और ट्रीटमेंट प्लांटों की समस्या को समय पर नहीं सुलझाया गया, तो राजधानी में पानी का संकट भविष्य में और गंभीर हो सकता है।

अंततः, दिल्ली में पानी की यह किल्लत न केवल नागरिकों के दैनिक जीवन को प्रभावित कर रही है, बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता पर भी गंभीर असर डाल सकती है। अधिकारियों ने वादा किया है कि जैसे ही अमोनिया का स्तर सामान्य होगा और मुनक नहर की मरम्मत पूरी होगी, सभी प्लांटों को चालू करके पानी की सप्लाई पूरी तरह बहाल कर दी जाएगी।

इस संकट ने एक बार फिर यह दर्शाया है कि राजधानी में जल सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण पर सतत ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि शहरवासियों को भविष्य में ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।