दिल्ली के सत्य निकेतन इमारत हादसे की जांच के आदेश, बेसमेंट में चल रहा था मरम्मत का काम
राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को पीजी के रूप में इस्तेमाल हो रही पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। हादसे में कई लोग मलबे में दब गए थे, जबकि कुछ लोगों की मौत भी हुई। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इमारत अचानक कैसे ढह गई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे के वक्त इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि बेसमेंट में चल रहे निर्माण कार्य और अन्य तकनीकी कारणों की वजह से इमारत के ढांचे पर असर पड़ा हो सकता है। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
बेसमेंट में काम के दौरान हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि जिस समय इमारत गिरी, उस दौरान बेसमेंट में मजदूर मरम्मत का काम कर रहे थे। अचानक इमारत के ढहने से वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का अभियान शुरू किया।
तकनीकी पहलुओं की होगी जांच
प्रशासन की ओर से गठित जांच टीम इमारत की मजबूती, निर्माण की गुणवत्ता, मरम्मत कार्य के तरीके और सुरक्षा मानकों की जांच करेगी। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि इमारत में किसी तरह के नियमों का उल्लंघन तो नहीं किया गया था।जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि क्या बेसमेंट में चल रहे काम के लिए जरूरी अनुमति ली गई थी और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था।
पीजी इमारतों की सुरक्षा पर उठे सवाल
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में पीजी के तौर पर इस्तेमाल हो रही इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। बड़ी संख्या में छात्र ऐसी इमारतों में रहते हैं, जहां भवन की मजबूती, अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं की नियमित जांच बेहद जरूरी है।अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अगर किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।फिलहाल राहत और बचाव कार्य पूरा किया जा चुका है और प्रशासन हादसे के हर पहलू की जांच में जुटा है।