दिल्ली के सत्य निकेतन में दर्दनाक हादसा: 5 छात्रों की मौत, अवैध निर्माण के आरोपों से घिरा मकान मालिक
राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को हुए दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों को झकझोर कर रख दिया। यहां 30 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय इमारत में कई छात्र मौजूद थे। मलबे में दबने से पांच छात्रों की मौत हो गई, जबकि राहत-बचाव टीमों ने 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
हादसे के बाद मौके पर पुलिस, दमकल विभाग और एनडीआरएफ समेत अन्य राहत एजेंसियों की टीमें पहुंचीं। कई घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे को हटाकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला गया। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
दो मंजिल की थी मंजूरी, बना दी गई पांच मंजिला इमारत
हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) की शुरुआती जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। एमसीडी के अनुसार, इस इमारत के निर्माण के लिए सिर्फ दो मंजिलों की अनुमति दी गई थी, लेकिन मकान मालिक ने नियमों को दरकिनार करते हुए पांच मंजिलें खड़ी कर दीं।
बताया जा रहा है कि इमारत में पीजी संचालित किया जा रहा था, जहां बड़ी संख्या में छात्र रह रहे थे। अब जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि आखिर इतनी पुरानी और अतिरिक्त निर्माण वाली इमारत में छात्रों को रहने की अनुमति कैसे दी गई।
हादसे के बाद उठे सुरक्षा पर सवाल
सत्य निकेतन में हुए इस हादसे ने राजधानी में अवैध निर्माण और इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में कई पुरानी इमारतों में अतिरिक्त मंजिलें बना दी गई हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रशासन अब आसपास की इमारतों की भी जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जिन इमारतों में नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मृतकों में छात्र शामिल
हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग छात्र बताए जा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। परिजन अपने बच्चों की जानकारी के लिए अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं।
प्रशासन की ओर से मृतकों के परिवारों को हरसंभव सहायता देने की बात कही गई है। वहीं, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इमारत गिरने के पीछे लापरवाही किस स्तर पर हुई।
मकान मालिक पर कार्रवाई की तैयारी
जांच में अगर अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की पुष्टि होती है तो मकान मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में इस तरह के हादसे एक बार फिर इमारतों की सुरक्षा और अवैध निर्माण पर प्रभावी निगरानी की जरूरत को सामने ला रहे हैं।