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Delhi-NCR GRAP: प्रदूषण बढ़ने से पहले ही लगेंगी पाबंदियां, 1 अक्टूबर से लागू हुआ संशोधित ग्रैप; वाहनों और निर्माण पर सख्ती

 

दिल्ली-NCR में सर्दियों से पहले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए संशोधित ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी GRAP लागू हो गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 28 सितंबर को हुई बैठक में GRAP के मौजूदा नियमों में बदलाव को मंजूरी दी थी। संशोधित नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो गए हैं और 28 फरवरी 2027 तक प्रभावी रहेंगे। नए प्रावधानों का उद्देश्य प्रदूषण की स्थिति गंभीर होने का इंतजार किए बिना कुछ नियंत्रण उपायों को पहले ही लागू करना है।

कई पाबंदियां अब GRAP-1 से ही

संशोधित व्यवस्था में कुछ ऐसे कदम, जो पहले GRAP के बाद के चरणों में लागू होते थे, उन्हें शुरुआती चरण में लाया गया है। डीजल जनरेटर सेट से जुड़े कुछ प्रावधान और NCR तथा आसपास के राज्यों से दिल्ली-NCR में आने वाली BS-IV और उससे कम मानक वाली बसों के प्रवेश पर प्रतिबंध अब GRAP-1 में ही शामिल किए गए हैं। बसों के मामले में हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और आसपास के राज्यों से आने वाली बसों के लिए इलेक्ट्रिक, CNG या BS-VI डीजल मानकों की शर्त लागू होगी।

पुराने वाहनों पर भी बढ़ी सख्ती

संशोधित GRAP में पुराने प्रदूषण मानकों वाले वाहनों पर प्रतिबंध का दायरा बढ़ाया गया है। GRAP-3 के दौरान BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल या उससे कम मानक वाले हल्के चार पहिया वाहनों पर लागू प्रतिबंध अब सोनीपत तक भी विस्तारित किया गया है। पहले इसमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर शामिल थे।

इसके अलावा पुराने मालवाहक वाहनों को आवश्यक वस्तुएं ले जाने के आधार पर मिलने वाली कुछ छूट भी हटा दी गई है। GRAP के तीसरे और चौथे चरण में ऐसे वाहनों पर पहले की तुलना में अधिक सख्त नियम लागू होंगे।

निर्माण कार्यों की ऑनलाइन निगरानी

निर्माण और ध्वस्तीकरण से निकलने वाली धूल पर नियंत्रण के लिए भी निगरानी बढ़ाई गई है। 500 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले पात्र निर्माण एवं ध्वस्तीकरण प्रोजेक्टों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और निगरानी की व्यवस्था को NCR के शहरी और अन्य संबंधित क्षेत्रों तक विस्तारित किया गया है। इसका उद्देश्य निर्माण स्थलों से होने वाले धूल प्रदूषण पर नजर रखना है।

PUC प्रमाणपत्र को लेकर भी नया नियम

CAQM ने वाहन प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 1 अक्टूबर 2026 से NCR में वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी PUC के बिना वाहनों को ईंधन देने पर रोक का प्रावधान भी किया है। पेट्रोल पंपों पर वाहन के वैध PUC की जांच के बाद ही ईंधन देने की व्यवस्था लागू की गई है।

संशोधित GRAP के तहत कुल चार चरणों में अलग-अलग कार्रवाई निर्धारित है। GRAP-1 में 25, GRAP-2 में 8, GRAP-3 में 10 और GRAP-4 में 5 प्रमुख कार्रवाई शामिल हैं। इस बदलाव के साथ दिल्ली-NCR में प्रदूषण नियंत्रण की व्यवस्था को पहले की तुलना में अधिक सक्रिय और चरणबद्ध बनाया गया है।