ड्राइवर की हत्या पर भी मिलेगा बीमा क्लेम, दिल्ली हाईकोर्ट ने इंश्योरेंस कंपनी को लगाई फटकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने वाहन चलाते समय एक ड्राइवर की हत्या के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए इंश्योरेंस कंपनी को बीमा राशि देने का आदेश दिया है। अदालत ने साफ कहा कि बीमा कंपनी का तर्क पूरी तरह बेबुनियाद है और मृतक चालक के परिवार को इस तरह भगवान भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।
मामला उस ड्राइवर से जुड़ा था जिसकी गाड़ी चलाते समय बदमाशों ने हत्या कर दी थी। घटना के बाद मृतक के परिवार ने बीमा क्लेम की मांग की, लेकिन इंश्योरेंस कंपनी ने यह कहते हुए भुगतान से इनकार कर दिया कि यह सामान्य सड़क हादसा नहीं बल्कि हत्या का मामला है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने बीमा कंपनी की दलीलों पर कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि यदि कोई चालक ड्यूटी के दौरान वाहन चला रहा हो और उसी दौरान उसकी हत्या हो जाए, तो यह उसके काम से जुड़ा जोखिम माना जाएगा। ऐसे में बीमा कंपनी अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती।
बेंच ने कहा कि बीमा का उद्देश्य पीड़ित परिवार को आर्थिक सुरक्षा देना है। यदि ऐसी परिस्थितियों में भी बीमा राशि नहीं दी जाएगी, तो मृतक के परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। अदालत ने यह भी कहा कि तकनीकी आधार पर क्लेम खारिज करना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि बीमा कंपनियों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। केवल कानूनी पेचीदगियों का सहारा लेकर पीड़ित परिवारों को राहत से वंचित नहीं किया जा सकता।
इस फैसले को बीमा मामलों में एक अहम निर्णय माना जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भविष्य में ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को राहत मिलने का रास्ता मजबूत होगा।
अदालत के आदेश के बाद अब संबंधित इंश्योरेंस कंपनी को मृतक चालक के परिवार को तय बीमा राशि का भुगतान करना होगा।