दिल्ली हाई कोर्ट ने एअर इंडिया विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
दिल्ली हाई कोर्ट ने एअर इंडिया विमान दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट को कम महत्व देने की मांग वाली जनहित याचिका को सख्ती से खारिज कर दिया है। अदालत ने इस याचिका को ‘अत्यंत भ्रामक’ और तथ्यों से परे बताया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी हादसे की जांच प्रक्रिया एक निर्धारित कानूनी ढांचे के तहत संचालित होती है और प्रारंभिक रिपोर्ट को नजरअंदाज करने की मांग न केवल असंगत है, बल्कि जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करती है।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि विमान दुर्घटना जैसे गंभीर मामलों में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट का अपना महत्व होता है। यह रिपोर्ट आगे की विस्तृत जांच के लिए आधार तैयार करती है और संबंधित एजेंसियों को दिशा प्रदान करती है। ऐसे में इसे कम महत्व देने की मांग करना न्यायोचित नहीं है।
याचिकाकर्ता ने अपनी जनहित याचिका में दावा किया था कि एअर इंडिया विमान दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट अधूरी है और इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। याचिका में अदालत से अनुरोध किया गया था कि रिपोर्ट को अंतिम निष्कर्ष के रूप में न देखा जाए और इसे सीमित महत्व दिया जाए। हालांकि, कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट का उद्देश्य तथ्यों की शुरुआती जानकारी देना होता है, न कि अंतिम निष्कर्ष प्रस्तुत करना। जांच एजेंसियां तकनीकी और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर चरणबद्ध तरीके से काम करती हैं। ऐसे में न्यायालय का हस्तक्षेप केवल तभी उचित है जब स्पष्ट रूप से कोई कानूनी त्रुटि या प्रक्रिया में गंभीर खामी सामने आए।
कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि जनहित याचिका दायर करते समय याचिकाकर्ता को तथ्यों की पूरी समझ और जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए। बिना पर्याप्त आधार के दायर की गई याचिकाएं न्यायिक समय की बर्बादी का कारण बनती हैं। अदालत ने दोहराया कि जनहित याचिका का उद्देश्य वास्तविक सार्वजनिक हित की रक्षा करना है, न कि अनावश्यक विवाद खड़ा करना।
गौरतलब है कि एअर इंडिया विमान दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट हाल ही में संबंधित प्राधिकरण द्वारा जारी की गई थी। रिपोर्ट में हादसे के संभावित कारणों और परिस्थितियों का प्रारंभिक आकलन प्रस्तुत किया गया था। विस्तृत और अंतिम रिपोर्ट अभी आना बाकी है, जिसमें तकनीकी विश्लेषण और विशेषज्ञों की राय शामिल होगी।