दिल्ली में मेड की हत्या मामले में डर्मेटोलॉजिस्ट पर चार्जशीट, पत्नी की बात मानने से नाराज था डॉक्टर
दिल्ली के कैलाश हिल्स में घरेलू सहायिका मीना की हत्या के मामले में पुलिस ने डर्मेटोलॉजिस्ट के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पत्नी की बात को लेकर मेड से नाराज था।
दिल्ली के कैलाश हिल्स इलाके में घरेलू सहायिका की हत्या के मामले में पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस ने एक डर्मेटोलॉजिस्ट को हत्या का आरोपी बनाया है। चार्जशीट में पुलिस ने हत्या के पीछे घरेलू विवाद और आरोपी की नाराजगी को वजह बताया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी इस बात से नाराज रहता था कि घरेलू सहायिका उसकी पत्नी की बातों को ज्यादा महत्व देती थी। हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में सुनवाई और सबूतों के आधार पर होगा।
पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान 45 वर्षीय मीना के रूप में हुई है। वह लंबे समय से आरोपी डॉक्टर के घर में घरेलू सहायिका के तौर पर काम कर रही थी। रिपोर्ट के मुताबिक, मीना करीब 16 वर्षों से परिवार के यहां काम कर रही थी। पुलिस जांच में घरेलू कामकाज को लेकर डॉक्टर और मीना के बीच तनाव की बात सामने आई है।
सफाई को लेकर हुआ था विवाद
चार्जशीट के मुताबिक, घटना वाले दिन मीना सुबह करीब 10:30 बजे डॉक्टर के घर पहुंची थी। उस दिन सुबह 11 बजे क्लिनिक में कुछ लोगों के आने की बात थी। पुलिस का आरोप है कि क्लिनिक की सफाई नहीं होने को लेकर डॉक्टर गुस्से में आ गया। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और डॉक्टर ने कथित तौर पर मीना पर क्रिकेट बैट से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के बाद मीना की मौत हो गई।
घटना की जानकारी उस समय सामने आई जब एक पड़ोसी ने मीना को खून से लथपथ हालत में देखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच के दौरान घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को केस का हिस्सा बनाया गया।
चार्जशीट में 43 गवाहों के बयान
पुलिस ने इस मामले की जांच के दौरान कुल 43 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। जांच एजेंसी ने चार्जशीट में इन बयानों और अन्य साक्ष्यों को शामिल किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या से संबंधित धाराओं में कार्रवाई की है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पत्नी और घरेलू सहायिका के बीच कामकाज को लेकर तालमेल था। पुलिस का दावा है कि डॉक्टर इस बात से नाराज रहता था कि मीना उसकी पत्नी के निर्देशों को अधिक महत्व देती थी। इसी पृष्ठभूमि को जांच में संभावित कारणों में शामिल किया गया है।
आरोपी पक्ष ने आरोपों पर उठाए सवाल
मामले में बचाव पक्ष की ओर से पुलिस की जांच पर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बचाव पक्ष का दावा है कि पुलिस वास्तविक आरोपी तक नहीं पहुंच सकी है। ऐसे में अब अदालत में अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों तथा पेश किए गए सबूतों के आधार पर मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी।
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब अदालत इस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपों पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करेगी। फिलहाल पुलिस की चार्जशीट में लगाए गए आरोप न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं और आरोपी को दोषी ठहराने का फैसला अदालत ही करेगी।