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गाजियाबाद में साइबर ठगी: 70 वर्षीय बुजुर्ग से 23.33 लाख रुपये की चपत

 

गाजियाबाद में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें एक 70 वर्षीय सेवानिवृत्त बुजुर्ग साइबर अपराधियों के जाल में फंस गया। ठगों ने उन्हें निवेश पर भारी रिटर्न का लालच देकर कुल 23.33 लाख रुपये ठग लिए।

पुलिस और पीड़ित के अनुसार, अपराधियों ने वॉट्सएप ग्रुप के माध्यम से खुद को स्टॉक मार्केट विशेषज्ञ के रूप में पेश किया। उन्होंने बुजुर्ग को एक फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म पर निवेश करने की सलाह दी और 30% मुनाफे का झांसा दिया। इसके भरोसे में पीड़ित ने अपने बैंक खातों से भारी राशि ट्रांसफर कर दी।

पीड़ित ने बताया कि अपराधियों ने लगातार कॉल और संदेश के माध्यम से विश्वसनीयता और दबाव बनाए रखा। उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि निवेश सुरक्षित है और जल्द ही भारी लाभ मिलेगा। बुजुर्ग को लगता रहा कि वह सुरक्षित और विशेषज्ञ मार्गदर्शन में निवेश कर रहा है।

घटना का पता तब चला जब बुजुर्ग ने अपने निवेश की स्थिति जांचने की कोशिश की, लेकिन प्लेटफॉर्म असत्य और फर्जी निकला। तब उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगों के जाल में फंस गए हैं। उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह मामला साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी का典त्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ऐसे ठग अक्सर बुजुर्ग और भरोसेमंद नागरिकों को निशाना बनाते हैं। अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि वॉट्सएप या सोशल मीडिया के माध्यम से निवेश का लालच देने वाले संदेशों पर भरोसा न करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले में नागरिकों को प्लेटफॉर्म की वैधता, अधिकारी प्रमाण और वित्तीय सलाह की प्रमाणिकता जांचना बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि 30% या उससे अधिक रिटर्न का लालच आमतौर पर साइबर फ्रॉड का संकेत होता है।

राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषक मानते हैं कि डिजिटल और ऑनलाइन निवेश की बढ़ती लोकप्रियता के साथ साइबर ठगी के मामले भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने सरकार और वित्तीय संस्थानों से अपील की कि वे सुरक्षा उपाय और जागरूकता अभियान तेज करें ताकि बुजुर्ग और अन्य नागरिकों को ठगी से बचाया जा सके।

पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है और कोशिश की जा रही है कि ठगों की पहचान और गिरफ्तारी जल्द की जाए। अधिकारी यह भी कह रहे हैं कि साइबर ठगी के मामलों में सबूत जुटाने और डिजिटल ट्रैकिंग बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि अपराधी अक्सर देश या विदेश में स्थित होते हैं।

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ऑनलाइन निवेश और डिजिटल लेन-देन में सतर्कता, जांच और सावधानी आवश्यक है। बुजुर्गों और नागरिकों को सलाह दी जा रही है कि वे अनजान लोगों के निवेश प्रस्ताव और वॉट्सएप समूहों पर भरोसा न करें, ताकि वे वित्तीय नुकसान और मानसिक तनाव से बच सकें।