दिल्ली में बाइक की नंबर प्लेट की क्लोनिंग, मालिक के घर पहुंचा बिना हेलमेट चलाने का चालान; फोटो में स्कूटी देखकर उड़े होश
राजधानी दिल्ली में वाहन की नंबर प्लेट क्लोनिंग का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक बाइक मालिक के घर उस समय ट्रैफिक चालान पहुंचा, जब वह अपनी बाइक से किसी ट्रैफिक नियम का उल्लंघन नहीं कर रहे थे। चालान में बिना हेलमेट वाहन चलाने की बात कही गई थी। जब बाइक मालिक ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर जाकर चालान के साथ लगी तस्वीर देखी, तो उनके होश उड़ गए। तस्वीर में उनकी बाइक नहीं, बल्कि एक स्कूटी दिखाई दे रही थी। हैरानी की बात यह थी कि स्कूटी पर उनकी बाइक का ही रजिस्ट्रेशन नंबर लगा हुआ था।
मामला दिल्ली के खजूरी खास इलाके का है। बदरपुर खादर की गली नंबर-12 में रहने वाले शंभू कुमार पाठक के पास काले रंग की बाइक है, जिस पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगी हुई है। उन्हें दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से मोटर वाहन अधिनियम की धारा 133 के तहत नोटिस मिला। इसमें बताया गया कि 21 अक्टूबर को दोपहर 3 बजकर 49 मिनट पर खजूरी चौक के पास बिना हेलमेट वाहन चलाने के आरोप में उनकी बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर पर चालान किया गया है।
चालान की फोटो में दिखे स्कूटी पर सवार दो युवक
नोटिस के मुताबिक, इस मामले में 1000 रुपये का चालान काटा गया था। साथ ही 60 दिनों के भीतर चालक का विवरण नहीं देने या चालान का भुगतान नहीं करने पर छह महीने तक की जेल अथवा 5 हजार रुपये के जुर्माने की चेतावनी भी दी गई थी।
शंभू कुमार पाठक ने जब दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर चालान के साथ उपलब्ध वायलेशन प्रूफ यानी नियम उल्लंघन की तस्वीर देखी, तो उन्हें पता चला कि उनकी बाइक के नंबर का इस्तेमाल किसी दूसरी गाड़ी पर किया जा रहा है। तस्वीर में लाल रंग की स्कूटी नजर आ रही थी, जिस पर दो युवक बिना हेलमेट बैठे हुए थे। स्कूटी के पीछे लगी साधारण नंबर प्लेट पर शंभू की बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर लिखा हुआ था।
मालिक को सताने लगी दूसरी वारदात की चिंता
इस घटना के बाद बाइक मालिक को आशंका है कि उनकी गाड़ी का नंबर किसी दूसरी गाड़ी पर इस्तेमाल कर आरोपी किसी अन्य वारदात को अंजाम दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में पुलिस जांच के दौरान उनकी बाइक का नंबर सामने आ सकता है और उन्हें बेवजह परेशानी उठानी पड़ सकती है।
शंभू ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर पुलिस को टैग कर जानकारी दी है। अब वह औपचारिक शिकायत देने की तैयारी कर रहे हैं।
फर्जी चालान मिलने पर क्या करें?
ऐसी स्थिति में सबसे पहले चालान की कॉपी और उसके साथ दी गई तस्वीर सुरक्षित रखनी चाहिए। इसके बाद संबंधित थाने में लिखित शिकायत देनी चाहिए। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के चालान पोर्टल पर भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज कराकर गलत चालान को चुनौती दी जा सकती है। जरूरत पड़ने पर चालान से जुड़े सभी दस्तावेज और तस्वीरें संबंधित विभाग को भेजनी चाहिए।