CJP का X अकाउंट भारत में बैन, वीडियो में जाने फॉलोअर्स में तेज उछाल के बाद बड़ा एक्शन
भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) ने एक तेजी से वायरल हो रही राजनीतिक-सामाजिक इकाई “कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)” के अकाउंट को बैन कर दिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब यह अकाउंट हाल ही में सोशल मीडिया पर भारी लोकप्रियता हासिल कर रहा था और इसके फॉलोअर्स की संख्या में असामान्य तेजी देखी जा रही थी।X की ओर से गुरुवार को दी गई जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई भारत में लागू स्थानीय नियमों, कोर्ट के आदेश या कानूनी शिकायतों के आधार पर की गई है। हालांकि, कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस विशेष आदेश या शिकायत के चलते अकाउंट को प्रतिबंधित किया गया।
इस बीच, CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस बैन की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पार्टी का X अकाउंट अचानक भारत में एक्सेस से बाहर कर दिया गया, जिससे उनके समर्थकों में नाराज़गी देखी जा रही है।गौरतलब है कि CJP का नाम हाल ही में तब चर्चा में आया जब भारत के मुख्य न्यायाधीश Suryakant के एक कथित “कॉकरोच वाले बयान” को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई थी। इसी विवाद के बीच इस नई इकाई ने ऑनलाइन तेजी से पहचान बनाई और देखते ही देखते लाखों लोग इससे जुड़ गए।
सोशल मीडिया आंकड़ों के अनुसार, CJP ने बेहद कम समय में बड़ी डिजिटल उपस्थिति दर्ज की। इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स 1 करोड़ 26 लाख तक पहुंच गए थे, जो कई स्थापित राजनीतिक दलों के बराबर माना जा रहा है। तुलना के लिए, इंस्टाग्राम पर भारतीय जनता पार्टी के करीब 87 लाख और कांग्रेस के लगभग 1 करोड़ 33 लाख फॉलोअर्स बताए जाते हैं।वहीं X प्लेटफॉर्म पर भी CJP के लगभग 1 लाख 93 हजार फॉलोअर्स हो चुके थे, लेकिन अकाउंट बैन के बाद अब यह प्रोफाइल भारत में उपलब्ध नहीं है। बताया जा रहा है कि पार्टी का कोई आधिकारिक फेसबुक अकाउंट मौजूद नहीं था, जिससे उसकी डिजिटल गतिविधियां मुख्य रूप से इंस्टाग्राम और X तक सीमित थीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी तेजी से बढ़ती सोशल मीडिया फॉलोइंग और विवादित राजनीतिक संदर्भों के बीच प्लेटफॉर्म्स अक्सर कंटेंट मॉडरेशन और कानूनी अनुपालन के तहत कार्रवाई करते हैं। हालांकि, इस मामले में वास्तविक कारण को लेकर स्पष्टता अभी भी नहीं है।इस घटनाक्रम ने डिजिटल स्पेस में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, राजनीतिक व्यंग्य और सोशल मीडिया रेगुलेशन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। कई यूजर्स इसे सेंसरशिप के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि यह प्लेटफॉर्म की नीति के तहत की गई सामान्य कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल, CJP के समर्थक और आलोचक दोनों ही इस बैन को लेकर सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं, और मामला तेजी से चर्चा का विषय बनता जा रहा है।