पश्चिम एशिया संकट पर CCS की अहम बैठक, सप्लाई और महंगाई पर रणनीति तैयार
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच देश की आर्थिक और आपूर्ति व्यवस्था पर संभावित असर को देखते हुए प्रधानमंत्री आवास पर कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की एक अहम बैठक आयोजित की गई। यह बैठक करीब ढाई घंटे तक चली, जिसमें उभरती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए विस्तृत रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक में खास तौर पर कृषि, फर्टिलाइजर, शिपिंग, एविएशन, लॉजिस्टिक्स और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSMEs) सेक्टर में संभावित प्रभाव को कम करने के उपायों पर विचार किया गया। सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों में सप्लाई चेन को बाधित होने से बचाना और आवश्यक सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करना बताया गया।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में LPG और LNG की सप्लाई को लेकर विशेष रूप से चर्चा हुई। ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए सप्लाई डायवर्सिफिकेशन यानी वैकल्पिक स्रोतों से आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही ईंधन उपलब्धता को स्थिर बनाए रखने के लिए पावर सेक्टर में जरूरी कदमों और नीतिगत उपायों की समीक्षा भी की गई।
सरकार ने इस बात पर भी जोर दिया कि देश में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में स्थिरता बनाए रखना प्राथमिकता है। इसके लिए जमाखोरी और कालाबाज़ारी पर सख्त निगरानी रखने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में यह भी कहा गया कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी आपूर्ति संकट से निपटने के लिए तैयार है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि आम जनता को जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता पर कोई असर न पड़े।
कुल मिलाकर, CCS की यह बैठक पश्चिम एशिया संकट के संभावित आर्थिक प्रभावों को नियंत्रित करने और देश की आपूर्ति व्यवस्था को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।