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नीट पेपर लीक केस में CBI की बड़ी कार्रवाई: लातूर से डॉक्टर गिरफ्तार, फुटेज में जाने 11वीं गिरफ्तारी के साथ जांच तेज

 

नीट (NEET) पेपर लीक मामले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के लातूर से एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान डॉ. मनोज शिरुरे के रूप में हुई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने बेटे के लिए कथित रूप से ‘गेस पेपर’ खरीदे थे, जो इस पूरे पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े एक कोचिंग संचालक के माध्यम से उपलब्ध कराए गए थे।जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई बुधवार को पुणे में पूछताछ के बाद की गई, जिसके बाद सीबीआई ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में सामने आया है कि आरोपी ने आरसीसी कोचिंग सेंटर के संचालक और पहले से गिरफ्तार आरोपी शिवराज मोटेगांवकर, जिन्हें ‘एम सर’ के नाम से भी जाना जाता है, से ये गेस पेपर प्राप्त किए थे।

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यह इस पूरे नीट पेपर लीक मामले में किसी अभिभावक की पहली गिरफ्तारी बताई जा रही है। इसके साथ ही इस केस में अब तक कुल 11 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इनमें महाराष्ट्र से 6, राजस्थान से 3 और हरियाणा से 1 आरोपी शामिल हैं। गिरफ्तार लोगों में दो महिलाएं भी बताई जा रही हैं।सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, जांच में लगातार नए और अहम खुलासे सामने आ रहे हैं, जो इस पूरे नेटवर्क की गहराई और उसके फैलाव को दर्शाते हैं। एजेंसी को यह भी जानकारी मिली है कि मुख्य आरोपी शिवराज मोटेगांवकर लातूर में करीब 8 एकड़ जमीन पर एक स्कूल और कॉलेज खोलने की योजना बना रहा था, जिससे यह संकेत मिलता है कि वह शिक्षा क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश में था।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था, जिसमें कोचिंग संचालकों से लेकर कुछ अन्य मध्यस्थ भी शामिल हो सकते हैं। इसी दिशा में आगे की जांच जारी है।सीबीआई अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लीक हुए प्रश्नपत्र और गेस पेपर कितने छात्रों तक पहुंचे और इस पूरे रैकेट का दायरा कितना बड़ा है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। जांच एजेंसी आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं कर रही है।