कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट संशोधन विधेयक, 2026 को दी मंजूरी, जजों की संख्या बढ़ाने का रास्ता साफ
केंद्र सरकार ने न्यायिक व्यवस्था से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट संशोधन विधेयक, 2026 को पेश करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। इस कदम के बाद देश की सर्वोच्च अदालत में जजों की संख्या बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सहित कुल 34 न्यायाधीश कार्यरत हैं। प्रस्तावित संशोधन विधेयक के लागू होने के बाद न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि की जाएगी, जिससे लंबित मामलों के निपटारे की गति को तेज करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य न्याय व्यवस्था पर बढ़ते दबाव को कम करना और मामलों के निस्तारण में तेजी लाना है। सुप्रीम कोर्ट में वर्षों से लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसे देखते हुए न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जजों की संख्या बढ़ती है तो बड़े बेंचों के गठन में आसानी होगी और संवैधानिक तथा महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई भी अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी।
सरकार का कहना है कि यह प्रस्ताव न्यायिक प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। इसके जरिए न केवल अदालतों पर बोझ कम होगा, बल्कि आम लोगों को भी समय पर न्याय मिलने की प्रक्रिया तेज हो सकेगी।
अब यह विधेयक संसद में पेश किया जाएगा, जहां इसे विधायी प्रक्रिया से गुजरना होगा। चर्चा और मंजूरी के बाद ही यह कानून का रूप ले सकेगा।
फिलहाल इस फैसले को न्यायिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिस पर कानूनी विशेषज्ञों और राजनीतिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं।