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BJP सांसद ने राहुल गांधी के खिलाफ पेश किया सब्सटेंसिव मोशन, वीडियो में देखें प्रियंका गांधी ने साधा मोदी सरकार पर निशाना

 

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को लोकसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ सब्सटेंसिव मोशन पेश किया। दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने संसद में दिए गए अपने भाषण और बयानों के माध्यम से देश को गुमराह किया है। इस मोशन में सांसद ने राहुल की संसद सदस्यता खत्म करने और भविष्य में चुनाव लड़ने पर लाइफटाइम बैन लगाने की मांग की है।

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सूत्रों के अनुसार, यह मोशन विपक्ष और सरकार के बीच एक बार फिर संसदीय विवाद का विषय बन गया है। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सरकार ने फिलहाल इस मामले में विशेषाधिकार हनन का नोटिस सदन में नहीं लाने का निर्णय लिया है।

इस पर कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी छाती की “56 इंच” होने का दावा किया था और ऐसे में उनके खिलाफ भी प्रस्ताव आने चाहिए। प्रियंका गांधी ने इस मुद्दे को व्यक्तिगत राजनीतिक हमला बताते हुए भाजपा पर निशाना साधा।

विश्लेषकों का कहना है कि यह मामला आने वाले दिनों में संसद में सियासी बहस का मुख्य केंद्र बन सकता है। पिछले कुछ हफ्तों में राहुल गांधी और भाजपा नेताओं के बीच लगातार बयानबाजी रही है। इस बार मोशन के पेश होने के बाद संसद में सदन के नियम और विशेषाधिकार पर बहस होने की संभावना है।

सांसद निशिकांत दुबे ने मोशन पेश करते हुए कहा कि राहुल गांधी की गतिविधियां देशहित के खिलाफ हैं और उनके बयानों से आम जनता में भ्रम फैल रहा है। दुबे ने कहा कि संसद में दिए गए भाषण और बयान भारत के लोकतांत्रिक संस्थानों के लिए चुनौतीपूर्ण हैं और इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होना चाहिए।

प्रियंका गांधी ने भाजपा और सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाना सरकार की आदत बन गई है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी सांसद या नेता की छवि और भाषण पर मोशन लाया जा सकता है, तो इसका दायरा व्यापक होना चाहिए और केवल विपक्षी नेताओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

विशेषज्ञ मानते हैं कि इस मामले से भाजपा और कांग्रेस के बीच संसदीय बहस और राजनीतिक टकराव बढ़ सकता है। राहुल गांधी के भाषण और उनके खिलाफ मोशन का मुद्दा आगामी सत्रों में लगातार चर्चा का विषय रहेगा।

इस तरह, संसद में पेश किए गए मोशन ने राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। आगामी दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इसे सदन में कैसे आगे बढ़ाती है और विपक्ष अपनी प्रतिक्रिया में क्या रणनीति अपनाता है।